ऑटो सर्विस देने पर ओला, उबर, रैपिडो पर लगेगा 5,000 रुपये का जुर्माना, शिकायत करने का नंबर भी जारी
कर्नाटक परिवहन विभाग और ऐप-आधारित एग्रीगेटर्स (ओला, उबर, रैपिडो) के बीच चल रही तनातनी के बीच कर्नाटक परिवहन विभाग ने मंगलवार को कहा कि उन्हें बुधवार से ऑटोरिक्शा सेवाएं बंद करनी पडे़गी। ऐसा नहीं करने पर वे 5,000 रुपये का जुर्माना देने के लिए तैयार रहें। यह जुर्माना बिना लाइसेंस के पाए जाने वाले प्रत्येक तिपहिया वाहन पर लगाया जाएगा।

परिवहन आयुक्त टीएचएम कुमार ने स्पष्ट किया कि वे ऑटोरिक्शा ड्राइवर या यात्रियों पर जुर्माना नहीं लगाएंगे। बल्कि यह जुर्माना ओला, उबर और रैपिडो ऐप आधारित एग्रीगेटर्स पर सीधे लगाया जाएगा। उनका यह बयान एक गलतफहमी की वजह से आया है जिसमें कहा जा रहा था कि कुछ ड्राइवरों से जुर्माने का पेमेंट कराया गया है।

उन्होंने ये भी कहा कि यदि किसी के साथ ऐसा होता है तो वह व्हाट्सऐप नंबर 9449863429 या 9449863426 पर शिकायत कर सकते हैं।विभाग ने एक बार फिर यह बात बताई कि एग्रीगेटर को अलग से तिपहिया लाइसेंस प्राप्त करना जरूरी है, इसके बिना ऑटोरिक्शा चलाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने आगे बताया कि "अगर एग्रीगेटर बुधवार से तिपहिया वाहनों के चलाने की अनुमति के लिए आवेदन जमा करते हैं, तो हम इस प्रस्ताव को सरकार को भेजेंगे। इसके बाद सरकार इसकी पहुंच और सुविधा शुल्क पर फैसला लेगी।" वहीं मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि उन्होंने सोमवार को परिवहन आयुक्त के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की है। उन्होंने आगे कहा कि "किसी भी कंपनी को बिना लाइसेंस के काम नहीं करना चाहिए। मैंने परिवहन विभाग ऐसा करने वाले कंपनियों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।"

बता दें कि विभाग ने कैब एग्रीगेटर्स द्वारा चलाई जा रही ऑटो सेवाओं को ऑन-डिमांड ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2016 के तहत 'अवैध' बताया है। तभी से इस पर महौल गरमाया हुआ है। वाहन एग्रीगेटर्स को इस पर रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, ओला और उबर नियमों का उल्लंघन करते हुए ऑटो सेवाएं प्रदान करते रहे हैं।

वहीं परिवहन विभाग ने यात्री के तरफ से मिली शिकायत के आधार पर यह कदम उठाया है। ओला और उबर को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी कि ये दो किलोमीटर से कम दूरी होने पर भी न्यूनतम 100 रुपये किराया वसूल लेते हैं। बेंगलुरु में न्यूनतम ऑटो किराया शुरुआती 2 किलोमीटर के लिए 30 रुपये और उसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 15 रुपये तय किया गया हैं।

बताया जा रहा है कि ओला और उबर कैब ऐप एग्रीगेटर का लाइसेंस पिछले साल ही खत्म हो गया था, जबकि रैपिडो के पास ऐसा कोई लाइसेंस ही नहीं है। ऑटोरिक्शा के 13 यूनियनों की एक संयुक्त समिति ने मंगलवार को सभी एग्रीगेटर ऐप पर प्रतिबंध लगाने के लिए सात दिन की समय सीमा तय की है।

ऑटोरिक्शा यूनियन यहीं नहीं रुके उन्होंने इसके लिए राजनेता और अधिकारियों पर आरोप लगया और कहा कि ये सात साल से ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को ठग रहे हैं। साथ ही उन्होंने मांग की कि सरकार केरल सरकार की तरह बैंगलुरू में भी एक ऐप लाए।


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