पश्चिम बंगाल में 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध, एनजीटी ने जारी किया आदेश
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पश्चिम बंगाल सरकार को राज्य में 15 साल से पुराने सभी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। एनजीटी के आदेश के बाद राज्य के 32 शहरों में चल रहे 15 साल से अधिक पुराने सभी प्राइवेट और कमर्शियल वाहनों पर प्रतिबंद लग सकता है। एनजीटी ने अपने एक लिखित आदेश में पश्चिम बंगाल सरकार छह महीनों के भीतर ऐसे सभी वाहनों पर रोक लगाने का निर्देश दिया है जो बीएस-4 उत्सर्जन मानकों के अनुसार नहीं हैं।

एनजीटी के इस आदेश से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 20 लाख वाहन और पूरे राज्य में करीब 70 लाख वाहन कबाड़ घोषित कर दिए जाएंगे जिसके बाद ऐसे वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। कोलकाता हाई कोर्ट ने 2008 में राज्य में 15 साल से अधिक पुराने कमर्शियल वाहनों को बंद करने का आदेश जारी किया था। जबकि प्राइवेट वाहनों को 20 साल की समय सीमा दी गई थी।

दिल्ली में पुराने वाहनों पर है बैन
आपको बता दें कि दिल्ली में एनजीटी ने एक ऐसी ही फैसले में 15 साल से ज्यादा पुराने वाले पेट्रोल वाहन और 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों पर बैन लगाया गया है। दिल्ली सरकार ने इस साल की शुरूआत से ही पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिया था। इस फैसले से दिल्ली में 43 लाख पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। इनमें 32 लाख दोपहिया और 11 लाख चार पहिया वाहन शामिल हैं।

पुराने वाहनों को किया जाएगा स्क्रैप
केंद्र सरकार ने पिछले साल अगस्त में वाहन स्क्रैपिंग नीति की घोषणा की थी। देश में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को व्यवस्थित ढंग से कबाड़ करने के लिए वाहन स्क्रैपिंग नीति लाई गई है। इस नीति को 1 अप्रैल 2022 से लागू कर दिया गया है। यह एक महत्वपूर्ण नीति है क्योंकि पुराने वाहन फिट वाहनों की तुलना में 10-12 गुना अधिक पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं।

सरकार की योजना विदेशों से भी स्क्रैप वाहनों को आयात करने की है। जानकारी के अनुसार, म्यांमार, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव्स, नेपाल और श्रीलंका से स्क्रैप वाहनों को भारत मंगाने की योजना है। कहा जाता है कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को भी आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

राज्य और केंद्र शासित सरकारें 1 अप्रैल, 2022 से पुराने वाहन को स्क्रैप कराने के एवज में नए वाहन के रोड टैक्स पर 25 प्रतिशत की छूट दे रही हैं। वहीं अब प्राइवेट वाहनों को 20 साल और कमर्शियल वाहनों को 15 साल में फिटनेस टेस्ट कराना अनिवार्य होगा।

बता दें कि 1 अप्रैल 2022 से केंद्र सरकार ने 15 साल से ज्यादा पुराने निजी और वाणिज्यिक वाहनों पर री-रजिस्ट्रेशन के शुल्क को भी बढ़ा दिया है। अब 15 साल से जयदा पुराने वाहन के री-रजिस्ट्रेशन के लिए आठ गुना अधिक शुल्क का भुगतान करना होगा। हालांकि, इस नीति का दिल्ली के वाहन मालकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली एनसीआर में पहले से ही 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से जयदा पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर रोक है।


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