कर्नाटक के मंत्री ने सरकार से Innova के बदले मांगी Fortuner - कहा मुछे बचपन से SUV की आदत है
कर्नाटक के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री जमीर अहमद खान ने सरकार से इनोवा की जगह फॉर्च्यूनर SUV मांगी है। उनका कहना है कि वे बचपन से लग्जरी कारों में घूमे हैं, ऐसे में इनोवा उनके लिए आरामदायक नहीं रहेगी। साथ ही इनोवा से चलने की वजह से लोग समझ ही नहीं पाएंगे कि वे मंत्री हैं।

कर्नाटक सरकार की तरफ से उन्हें फिलहाल इनोवा मिली हुई है। लेकिन मंत्री को ये पसंद नहीं और उन्होंने SUV के लिए कर्नाटक में संबंधित विभाग को चिट्ठी भी लिख दी है। अहमद खान राज्य के बड़े कारोबारी परिवार से हैं और जब पत्रकारों ने उनसे पुछा कि वो खुद SUV एफॉर्ड कर सकते हैं तो वे मुख्यमंत्री कुमारस्वामी की तरह अपनी निजी कार से क्यों नहीं चलते? इस पर उन्होंने कहा, "मैं सरकारी वाहन इसलिए चाहता हूं ताकि लोगों को पता चले कि मैं मंत्री हूं। छोटी कार से लोगों के बीच गया तो लोग मुझे पहचानेंगे ही नहीं।"

जमीर अहमद का कहना है कि वो सरकार से किसी विशेष गाड़ी की मांग नहीं कर रहे हैं बल्कि उन्होंने कहा है कि विधानसभा में दो-तीन SUV ऐसे ही खड़ी हुई हैं उन्हें उनमें से कोई भी अलॉट कर दी जाए।

कर्नाटक के इस मंत्री ने इनोवा के बदले फॉर्च्यूनर की मांग तब की है जब मुख्यमंत्री कुमारस्वामी सरकारी खर्चे में कटौती करने की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पहले ही साफ कर दिया था कि फिलहाल कोई नई गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी। कुमारस्वामी का कहना है कि सरकारी खर्च बचाने के लिए वो दिल्ली जाने के लिए भी प्राइवेट जेट की बजाए कमर्शियल प्लेन में ट्रैवल करते हैं।

कर्नाटक के मंत्री के इस मांग पर विपक्ष भी हमलावर हो गया है और विपक्ष का कहना है कि ऐसे मंत्री को तत्काल मंत्री पद से हटा देना चाहिए। वो मंत्री इसलिए बने हैं ताकी जनता की सेवा कर सकें न कि लग्जीरियस लाइफस्टाइल जीने के लिए।

हालांकि कांग्रेस ने जमीर का बचाव किया है। कांग्रेस से राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने कहा कि एक मंत्री अपनी पसंद की कार मांगता है तो इसमें कुछ गलत नहीं है। मीडिया गैरजरूरी मुद्दों को उठा रहा है। वहीं, भाजपा प्रवक्ता एसपी प्रकाश ने कहा कि खान के पास 100 से ज्यादा लग्जरी बसें हैं। खान को अपना आरामतलब रवैया छोड़कर जनता के बारे में सोचना चाहिए।

इनोवा और फॉर्च्यूनर कारों की बात करें तो दोनों ही कारें टोयोटा कंपनी की हैं। दोनों ही कारें इंडिया में काफी पॉपुलर हैं। दोनों गाड़ियां काफी शानदार हैं और फीचर्स के मामले में दोनों में बहुत ज्यादा फर्क भी नहीं है।

टोयोटा फॉर्च्यूनर की हाइट ज्यादा है और इनोवा काफी लो है। जिसकी मंत्री जमीर अहमद भी चर्चा कर रहे थे। इसके कारण फॉर्च्यूनर का ग्राउंड क्यलीयरेंस इनोवा से बहुत ज्यादा है। लेकिन इनोवा की राइड फॉर्च्यूनर से ज्यादा स्मूथ है और ये रोड पर कम झटके देती है।

माइलेज के मामले में भी इनोवा क्रिस्टा बाजी मार जाती है। शहरों में जहां इनोवा को 12 किलोमीटर प्रतिलीटर तक की माइलेज मिलती है, वहीं फॉर्च्यूनर 1 लीटर में 8 से 9 किलोमीटर तक जाती है। ये डीजल वेरिएंट की माइलेज थी और इन दोनों कारों के डीजल वेरिएंट ही ज्यादा बिकते हैं।

स्पेस के मामले में भी इनोवा क्रिस्टा फॉर्च्यूनर से ज्यादा स्पेसियस और कंफर्टेबल है। हालांकि इसकी हाइट कम होने की वजह से ये इतनी स्पोर्टी नहीं लगती और इस मामले में फॉर्च्यूनर ज्यादा बोल्ड और स्पोर्टी नजर आती है।
तो लगभग समान फीचर्स और अधिक माइलेज होने के बावजूद इनोवा क्रिस्टा, फॉर्च्यूनर से करीब दस लाख रुपए तक कम है। फॉर्च्यूनर टॉप डीजल वेरिएंट जहां 38 लाख के आस-पास आती है, वहीं इनोवा क्रिस्टा डीजल टॉप मॉडल 28 लाख के रेंज में उपलब्ध है।

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