होंडा के दोपहिया वाहनों की बिक्री में आई बड़ी गिरावट, कोरोना की तीसरी लहर ने बिक्री घटाई
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने मंगलवार को कहा कि जनवरी 2022 में उसकी कुल बिक्री 19.97 प्रतिशत घटकर 3,54,209 यूनिट रह गई है। दोपहिया वाहन निर्माता ने जनवरी 2021 में 4,37,183 यूनिट दोपहिया वाहनों को डिस्पैच किया था। कंपनी ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष की शुरूआत में बिक्री एक सकारात्मक संकेत के साथ शुरू हुई लेकिन आखिरी तिमाही में बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी के अनुसार, कोरोना महामारी के चलते उत्पन्न हुई चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं।

हालांकि, कंपनी को उम्मीद है कि देश में कोविड-19 के टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाकर कोरोना महामारी की अगली लहर के खतरे को कम किया जा सकता है। कंपनी ने बताया कि पिछले महीने कोरोना महामारी की तीसरी लहर से बचने के लिए कुछ राज्यों में लॉकडाउन लगा दिया गया था जिससे बिक्री पर प्रभाव पड़ा।

एचएमएसआई के निदेशक (सेल्स और मार्केटिंग) यादविंदर सिंह गुलेरिया ने एक बयान में कहा कि नया केंद्रीय बजट बुनियादी ढांचे और समावेशी विकास पर जोर देने के साथ विकास के दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। पूंजीगत व्यय पर ध्यान देने से अर्थव्यवस्था एक साथ आगे बढ़ेगी और लंबी अवधि में इसके गुणक प्रभाव दिखने की उम्मीदें हैं।

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने पिछले महीने भारत में 1 करोड़ होंडा शाइन बाइक की बिक्री पूरी की। कंपनी ने बताया कि भारत में 125cc बाइक सेगमेंट में होंडा शाइन की हिस्सेदारी 50 फीसदी है और आने वाले समय में यह और भी बढ़ेगी। होंडा शाइन 125, साल-दर-साल की बिक्री में 29 प्रतिशत की बढ़त के साथ भारतीय बाजार का नेतृत्व कर रही है और यह ग्राहकों की सबसे पसंदीदा 125cc बाइक बन चुकी है।

इसके साथ ही कंपनी ने पिछले साल दिसंबर में गुजरात के विठ्ठलपुर में अपने चौथे प्लांट में उत्पादन शुरू किया। जापानी बाइक निर्माता होंडा इस प्लांट में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए 250cc और उससे ऊपर की क्षमता के इंजन का उत्पादन कर रही है। इस प्लांट से थाईलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, यूरोप, जापान, ऑस्ट्रेलिया और गल्फ समेत अन्य कई देशों में उत्पादों को भेजा जाएगा।

इस प्लांट की क्षमता हर साल 50,000 यूनिट इंजन बनाने की है, जिसे बाजार की मांग के अनुसार बढ़ाया भी जा सकता है। कंपनी ने इस प्लांट के निर्माण में 135 करोड़ रुपये से भी अधिक का खर्च किया है। ऑटोमोटिव सुरक्षा, उत्सर्जन और प्रदर्शन मानकों में सुधार के साथ, नया प्लांट वैश्विक ऑटो उद्योग के साथ होंडा की निर्यात क्षमता को भी बढ़ाने की क्षमता रखता है।

होंडा टू-व्हीलर्स ने वर्ष 2001 में मानेसर (हरियाणा) में पहली उत्पादन सुविधा का परिचालन शुरू किया था। एक दशक बाद 2011 में, होंडा ने 10 लाख यूनिट की वार्षिक उत्पादन क्षमता के साथ टपुकारा (जिला अलवर, राजस्थान) में अपने दूसरे संयंत्र में विस्तार किया। कंपनी ने 2013 में कर्नाटक के नरसापुरा में तीसरे संयंत्र का उद्घाटन किया जहां प्रतिवर्ष 10.80 लाख यूनिट के उत्पादन की क्षमता है।

होंडा 2 व्हीलर्स इंडिया ने वित्त वर्ष 2015-16 में विठ्ठलपुर (गुजरात) में अपने चौथे प्लांट का परिचालन शुरू किया जहां केवल स्कूटरों का उत्पादन की किया जा रहा था। इसके बाद वित्त वर्ष 2017-18 में कर्नाटक प्लांट में नई क्षमता का विस्तार किया गया जिसके बाद कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 60.50 लाख यूनिट प्रतिवर्ष हो गई।


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