अगले 2 साल में सड़क दुर्घटनाओं में आएगी 50% की कमी, गडकरी ने ब्लैक स्पाॅट पहचानने का दिया निर्देश
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने मंत्रालय के अधिकारियों को दो साल में सड़क दुर्घटनाओं को 50 प्रतिशत तक कम करने और सड़कों पर ब्लैक स्पॉट की पहचान करने को निर्देश दिया है। गडकरी ने वरिष्ठ अधिकारियों को सड़क सुरक्षा में जल्द से जल्द सुधार के लिए सेवलाइफ फाउंडेशन द्वारा सामने रखी गई विभिन्न रणनीतियों और समाधानों पर विचार करने और उन्हें लागू करने का निर्देश दिया है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क सुरक्षा के मुद्दों को सामूहिक रूप से संबोधित करने के लिए हितधारकों को संवेदनशील बनाने पर जोर दिया और कहा कि यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है और सड़क दुर्घटनाओं के लिए जीरो टॉलरेंस होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को कार्रवाई करते समय तीन बातों पर विचार करने के लिए कहा गया है। इसमें समस्या का तत्काल समाधान, मध्यावधि समाधान और दीर्घकालिक उपाय शामिल है। उन्होंने कहा कि वे सभी क्षेत्रीय अधिकारी और परियोजना निदेशकों को शून्य दुर्घटना का संकल्प लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

भारत उन देशों में शामिल है जहां सबसे सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें होती हैं। परिवहन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर साल लगभग 4.50 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें 1.50 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं। यह आंकड़ा दुनिया भर में किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक है। भारत में अपंगता के लिए सड़क दुर्घटनाओं को मुख्य कारण बताया गया है।

एक अनुमान के अनुसार, देश में हर एक घंटे में 53 सड़क हादसे होते हैं और हर चार मिनट में सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत होती है। भारत में सबसे अधिक सड़क हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर होते हैं। आंकड़ों के मुताबिक सड़क हादसों में मरने वालों की ज्यादातर संख्या दोपहिया वाहन चालकों की है।

सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण यातायात नियमों का उल्लंघन है। परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में गलत साइड में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग, ट्रैफिक लाइट जंपिंग, अंडरऐज ड्राइविंग, नशे में ड्राइविंग जैसे मामले हादसों के लिए बड़ी वजह के रूप में सामने आये हैं।

नितिन गडकरी ने वाहन संबंधी शिक्षा, इंजीनियरिंग, कानून और आपातकालीन देखभाल के आधार पर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को हल करने के लिए एक बहुआयामी रणनीति तैयार की है। इसके तहत मंत्रालय ने जिले के संसद सदस्य (लोकसभा) की अध्यक्षता में लोगों के बीच जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के प्रत्येक जिले में 'संसद सड़क सुरक्षा समिति सदस्य' को अधिसूचित किया है। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों में सुधार के लिए देश में 9 अगस्त, 2019 को संशोधित मोटर वाहन अधिनियम (2019) को लागू किया गया था।


Click it and Unblock the Notifications








