पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर नए में कराएं ट्रांसफर, गुजरात में शुरू हुआ नया सिस्टम
अगर आप अपनी पुरानी कार या बाइक को बेचने की सोच रहे हैं, तो अब आप अपनी गाड़ी का पुराना रजिस्ट्रेशन नंबर अपने साथ रख सकते हैं। दरअसल, गुजरात सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत पुराने वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर को ट्रांसफर कराने की अनुमति दे दी है।

इस फैसले के बाद अगर आप अपनी पुरानी गाड़ी को बेचने या उसे स्क्रैप कराने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको नई गाड़ी के लिए नया रजिस्ट्रेशन नंबर लेने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि आप पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर नए में ट्रांसफर करा सकते हैं।

मोटर वाहन अधिनियम, 1989 के तहत पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर नए वाहन में ट्रांसफर कराने के लिए कुछ विशेष नियम बनाए गए हैं। इन नियमों के तहत, नए वाहन में पुराने का रजिस्ट्रेशन नंबर तभी ट्रांसफर हो सकता है जब वाहन सामान श्रेणी का हो। यानी पुराने दो-पहिया वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर केवल दो-पहिया वाहन को ही दिया जा सकता है। यही नियम चारपहिया और अन्य श्रेणी के वाहनों पर भी लागू होता है।

इसके अलावा, पुराने प्राइवेट वाहन का नंबर केवल नए प्राइवेट वाहन को ही दिया जा सकता है। कमर्शियल वाहनों के लिए भी समान नियम बनाए गए हैं। नियमों में बताया गया है कि पुराने नंबर को केवल नए वाहन के लिए ही जारी किया जा सकता है। पुराना नंबर केवल उसी वाहन मालिक को ट्रांसफर किया जा सकता है जिसके नाम से पुराना वाहन पंजीकृत है।

वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर को ट्रांसफर कराने का सिस्टम दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पहले से ही लागू है। रजिस्ट्रेशन नंबर ट्रांसफर करवाने के लिए वाहन कम से कम एक साल पुराना होना चाहिए। आरटीओ में रजिस्ट्रेशन नंबर ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया में 15 दिन का समय लगता है।

शुल्क की बात करें तो, दोपहिया वाहनों के लिए नंबर ट्रांसफर का शुल्क 'गोल्डन कैटेगरी' के फैंसी नंबरों के लिए 8,000 रुपये, 'सिल्वर' फैंसी नंबरों के लिए 3,500 रुपये और अन्य नंबरों के लिए 2,000 रुपये है।

कारों और अन्य चार पहिया वाहनों के लिए शुल्क गोल्डन श्रेणी के लिए 40,000 रुपये, चांदी के लिए 15,000 रुपये और अन्य सभी नंबरों के लिए 8,000 रुपये से शुरू होता है।


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