नितिन गडकरी ने नए स्क्रैपिंग प्लांट का किया उद्घाटन, हर महीने 1,800 वाहन होंगे रीसायकल
देश में वाहन कबाड़ नीति (Vehicle Scrapping Policy) के लागू होने के बाद अब कई कंपनियां व्हीकल स्क्रैपिंग यूनिट (Vehicle Scrapping Unit) स्थापित कर रही हैं। हाल ही में केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने हरियाणा के नूह जिले में व्हीकल स्क्रैपिंग यूनिट का उद्घाटन किया है। यह स्क्रैपिंग यूनिट अभिषेक ग्रुप और जापान की कैहो सांगयो ने ज्वाइंट वेंचर के तहत स्थापित किया है। इस यूनिट में वाहनों को स्क्रैप और रीसायकल करने के लिए कई तरह के उपकरण लगाए गए हैं।

वाहन स्क्रैपिंग यूनिट में कबाड़ हो चुके वाहनों में से स्टील और प्लास्टिक को निकालकर उन्हें पिघलाया जाता है। रीसायकल किये गए स्टील और प्लास्टिक का उपयोग अन्य चीजों को तैयार करने के लिए किया जाता है। इस प्लांट में हर महीने 1,800 वाहनों को रीसायकल किया जा सकता है। यह ग्रुप अगले कुछ महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में 7 से 8 स्क्रैपिंग प्लांट लगाएगा।

बता दें कि नितिन गडकरी ने कुछ महीने पहले नोएडा में इसी तरह के एक व्हीकल स्क्रैपिंग और रीसाइकलिंग यूनिट का उद्घाटन किया था। यह यूनिट मारुति सुजुकी और तोयुत्सु व्हीकल की साझेदारी में लगाया गया है।

आपको बता दें, केंद्र सरकार ने 150 किलोमीटर के दायरे में एक वाहन स्क्रैपिंग यूनिट खोलने का प्रस्ताव रखा है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया था कि उनकी योजना भारत को दक्षिण एशिया का वाहन स्क्रैपिंग हब (केंद्र) बनाने की है। इसके लिए देश के प्रमुख शहरों में 150 किलोमीटर के दायरे में एक स्क्रैपिंग सेंटर खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

गडकरी ने कहा कि ऑटोमोबाइल और ट्रांसपोर्ट उद्योग को विकास के केंद्र में रखते हुए वाहन स्क्रैपिंग नीति भारत सरकार की एक दूरगामी योजना है। इससे देश में पुराने और खराब वाहनों को हटाने के साथ कम उत्सर्जन करने वाले नए वाहनों को शामिल किया जाएगा। वाहन स्क्रैपिंग नीति सभी तरह के छोटे-बड़े निवेशकों को एक तय नियम के अनुसार देश में स्क्रैपिंग प्लांट लगाने की अनुमति देती है।

वाहन स्क्रैपिंग प्लांट के शुरू होने से कई शहरों में कलेक्शन सेंटर भी शुरू होंगे जो लोगों से पुराने वाहनों को लेंगे और उनके वाहनों को डी-रजिस्टर करने के साथ उन्हें डिपाॅजिट सर्टिफिकेट भी जारी करेंगे। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि शहरों में स्क्रैपिंग सेंटर के खुलने से 2025 तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा।

बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल अगस्त में वाहन स्क्रैपिंग नीति की घोषणा की थी। देश में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को व्यवस्थित ढंग से कबाड़ करने के लिए वाहन स्क्रैपिंग नीति लाई गई है। इस नीति को 1 अप्रैल 2022 से लागू कर दिया गया है। यह एक महत्वपूर्ण नीति है क्योंकि पुराने वाहन फिट वाहनों की तुलना में 10-12 गुना अधिक पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं।

मौजूदा समय में, देश में लगभग 51 लाख ऐसे हल्के मोटर वाहन हैं जो 20 साल से ज्यादा पुराने हो चुके हैं और 34 लाख हल्के मोटर वाहन हैं जो 15 साल से ज्यादा पुराने हैं। इसके अलावा, लगभग 17 लाख मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहन है जो 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं और बिना वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के चलाये जा रहे हैं।


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