इलेक्ट्रिक वाहनों को आग से बचाने के लिए आईआईटी गुवाहाटी ने पेश की देसी तकनीक
पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की खबरों ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है। जानकारों का मानना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों को न केवल बिक्री में नुकसान उठाना पड़ सकता है बल्कि इससे लोगन का इलेक्ट्रिक वाहनों पर विश्वास भी कम हो सकता है जो इस उद्योग के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। हालांकि, आईआईटी गुवाहाटी की एक रिसर्च टीम ने इलेक्ट्रिक वाहनों को आग से बचाने के लिए एक खास इलेक्ट्रिक पॉवरट्रेन तैयार किया है, जो भारतीय वातावरण की परिस्थितियों के अनुकूल है।

टीम के अनुसार, यह इलेक्ट्रिक पॉवरट्रेन स्टैंडर्ड है, इसलिए इसका इस्तेमाल किसी भी दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन में किया जा सकता है। आईआईटी गुवाहाटी के शोधकर्ताओं की इस टीम ने विभिन्न भारतीय परिस्थितियों पर गहन शोध और आकलन करते हुए एक नए पॉवरट्रेन को तैयार किया। शोधकर्ताओं का दावा है कि यह पॉवरट्रेन देश के किसी भी इलाके और जलवायु परिस्थिति में एक जैसा प्रदर्शन देता है, फिर चाहे इसे किसी भी गर्म या ठंडे इलाके में चलाया जाए।

इस वजह से इलेक्ट्रिक स्कूटरों में लग रही है आग
आईआईटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने का कारण उनका भारतीय पर्यावरण के अनुकूल बना न होना है। उन्होंने कहा कि देश में अधिकतर इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियां इलेक्ट्रिक स्कूटरों में लगने वाले उपकरणों को दूसरे देशों से आयात करते हैं। यह उपकरण भारतीय परिस्थितियों के अनुसार तापमान को झेलने के लिए तैयार नहीं किये जाते, इसलिए जल्दी खराब हो जाते हैं। शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि इलेक्ट्रिक स्कूटरों के पॉवरट्रेन में खराब वायरिंग और बैटरी तकनीक भी इनमें आग लगने की बड़ी वजह हैं।

अधिक सुरक्षित है देसी तकनीक
आईआईटी गुवाहाटी की टीम द्वारा विकसित की गई यह इलेक्ट्रिक पॉवरट्रेन आज के स्कूटरों में इस्तेमाल होने वाले पॉवरट्रेन से कहीं अधिक सुरक्षित है। शोधकर्ताओं दावा है कि यह पॉवरट्रेन का प्रदर्शन हर जगह एक सामान है। चाहे स्कूटर गांव में चल रही हो या शहर में यह हर जगह एक जैसा रेंज और परफॉर्मेंस देगी। शोधकर्ताओं ने इस पॉवरट्रेन का एनर्जी एफिसिएंट होने का भी दावा किया है, जो इलेक्ट्रिक स्कूटर को ज्यादा रेंज देने में भी मदद करेगी।

शोधकर्ता इस तकनीक को चारपहिया वाहनों के लिए भी विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं क्योंकि वर्तमान परियोजना विशेष रूप से दोपहिया वाहनों पर केंद्रित है। इस शोध का संचालन आईआईटी गुवाहाटी की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लेबोरेटरी में किया गया, जिसका नेतृत्व इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर प्रवीण कुमार ने किया।


Click it and Unblock the Notifications








