गाजियाबाद से कानपुर का सफर 3 घंटे में होगा पूरा, ग्रीन काॅरिडोर एक्सप्रेसवे को मिली हरी झंडी
अब गाजियाबाद से कानपुर तक सफर आसान होने वाला है। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के दोनों औद्योगिक शहरों के बीच सफर को आसान बनाने के लिए एक्सप्रेसवे (Expressway) परियोजना को हरी झंडी दिखा दी है। बताया जा रहा है कि 380 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे से गाजियाबाद से कानपुर तक यात्रा करने का समय आधा हो सकता है। इस एक्सप्रेसवे से केवल तीन घंटे में दोनों शहरों के बीच यात्रा को पूरा किया जा सकता है।

गाजियाबाद-कानपुर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर (Greenfield Corridor) नौ जिलों से होते हुए गुजरेगा। इसमें गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव और कानपूर शामिल हैं। वर्तमान में दोनों शहरों के बीच यमुना एक्सप्रेसवे से सफर करने में छह घंटों का समय लगता है, जबकि एनएच-9 से लगभग 8 घंटे का समय लगता है।

आपको बता दें कि साल 2019 में केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गाजियाबाद और कानपुर के बीच इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण करवाने की घोषणा की थी। इस परियोजना के पीछे दोनों औद्योगिक शहरों के बीच सफर करने के समय को कम कर व्यापारिक गतिविधियों को आसान बनाना था।

पिछले सप्ताह परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एनएचएआई (NHAI) को इस परियोजना पर काम शुरू करने की अनुमति दे दी है। यह ग्रीन कॉरिडोर 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा और इसकी कुल लंबाई 380 किलोमीटर होगी।

परियोजना के अनुसार, यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर 4 लेन एक्सप्रेसवे होगा जिसे पुलिया और अंडरपास पर 6 लेन का बनाया जाएगा। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर खाली जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा ताकि भविष्य में इसे 8 लेन तक चौड़ा किया जा सके।

गाजियाबाद-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तर प्रदेश की सूची में एक और नया एक्सप्रेसवे शामिल हो जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे के अलावा, उत्तर प्रदेश में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ताज एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसे कई हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे शामिल हैं।

बात दें, उत्तर प्रदेश में सबसे नया एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे है। लखनऊ से गाजीपुर को जोड़ने वाला 341 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन पिछले साल नवंबर में किया गया था। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण में 22,500 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की तरह भारतीय वायु सेना के विमानों के लिए एक आपातकालीन रनवे के रूप में भी किया जाएगा। सुल्तानपुर के नजदीक इस एक्सप्रेसवे पर 3.3 किलोमीटर लंबा एयर स्ट्रिप भी बनाया गया है जो भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों को आपात स्थितियों के लिए हवाई पट्टी के रूप में उपयोग करने की अनुमति देगा।
नोट: तस्वीरें सांकेतिक हैं


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