पटरी पर लौट रहा ऑटो उद्योग, अप्रैल 2022 में वाहनों की खुदरा बिक्री 37% बढ़ी
कोरोना महामारी के प्रकोप से बहार आने के बाद हर महीने वाहनों की बिक्री (Vehicle Sales) में सुधार हो रहा है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने बताया है कि अप्रैल 2022 में वाहनों की खुदरा बिक्री (Retail Sales) 37 फीसदी बढ़ी है। ऑटोमोबाइल उद्योग में सभी वाहन खंड की बिक्री में सुधार दर्ज किया गया है। दोपहिया, तिपहिया, वाणिज्यिक वाहनों, यात्री वाहनों और ट्रैक्टर खंड की कुल बिक्री में क्रमशः 37.99 प्रतिशत, 95.91 प्रतिशत, 52.18 प्रतिशत, 25.47 प्रतिशत और 26.14 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

फाडा द्वारा साझा किये गए आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2022 में दोपहिया वाहनों की बिक्री 37.99% बढ़कर 11,94,520 यूनिट्स हो गई, जो पिछले साल इसी महीने 8,65,628 यूनिट्स थी। वहीं, तीन-पहिया वाहनों की बिक्री में 95.91% का जबरदस्त उछाल देखा गया। अप्रैल 2022 में तीन-पहिया वाहनों के 42,396 यूनिट्स बिके, वहीं अप्रैल 2021 में यह आंकड़ा 21,640 यूनिट्स की बिक्री का था।

यात्री कारों की बात करें तो, फाडा के अनुसार अप्रैल 2022 में यात्री कारों की बिक्री 25.47% का उछाल आया। बीते अप्रैल महीने यात्री कारों की बिक्री 2,64,342 यूनिट्स रही। अप्रैल 2021 में यह आंकड़ा 2,10,682 यूनिट्स का था।

कमर्शियल वाहनों ने भी जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ अपनी बिक्री दर्ज कराई। बीते महीने कमर्शियल वाहनों की बिक्री 52.18% बढ़कर 78,398 यूनिट्स हो गई जबकि पिछले साल समान अवधि में यह 51,515 यूनिट्स थी।

आपको बता दें, भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग अभी भी कोविड के प्रभाव से धीरे-धीरे बाहर आ रहा है। अप्रैल 2019 की तुलना में, कुल वाहन रिटेल अभी भी 6.39 प्रतिशत कम है। यात्री वाहन और ट्रैक्टर सेगमेंट में 11.91 प्रतिशत और 30.55 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, अन्य सभी श्रेणियों जैसे दोपहिया, तिपहिया और कमर्शियल वाहनों में क्रमश: 10.75 फीसदी, 13 फीसदी और 0.49 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

लोन पर वाहन खरीदना हुआ महंगा
फाडा ने बताया है कि वाहनों की बढ़ती बिक्री को ऊंचे रेपो रेट से झटका लग सकता है। हाल में भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 40 बीपीएस (0.40%) का इजाफा किया है। इससे लोन पर खरीदे जाने वाले वाहनों पर ब्याज दर बढ़ सकता है। फाडा का कहना है कि ऐसे समय में जब बाजार कोरोना महामारी के प्रभाव से बाहर निकल रहा है, वाहनों पर अधिक ब्याज दर ऑटो बाजार के विकास को और धीमा कर सकता है।

रेपो रेट में बढ़ोतरी का असर होम लोन, पर्सनल लोन के साथ वाहन लोन (Vehicle Loan) पर भी पड़ेगा। रेपो रेट में वृद्धि के बाद बैंकों से कार लोन लेने वाले नए उधारकर्ता अब अपनी कार पर ज्यादा ईएमआई का भुगतान करेंगे। हालांकि पहले से ही ईएमआई का भुगतान कर रहे लोगों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।

पर्सनल और वाहन लोन पर ब्याज एक निश्चित दर पर आकर्षित होता है। इसलिए जो लोग पहले से ही कार लोन (Car Loan) ले चुके हैं उनके लिए चिंता की कोई बात नहीं है, उनके लिए ईएमआई और ब्याज दर समान रहेंगी। हालांकि कार खरीदने वाले नए ग्राहकों को अब बढ़ी हुई दरों पर कार लोन दिया जाएगा, जिससे उनपर ईएमआई का बोझ बढ़ेगा।


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