दिल्ली से मुंबई के बीच बनेगा इलेक्ट्रिक हाईवे, नितिन गडकरी ने दी जानकारी
राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा कि सरकार दिल्ली से लेकर मुंबई तक इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने की योजना बना रही है। सरकार इसके लिए इन दोनों शहर के बीच टनल तैयार किया जाएगा और इसका खर्च 2.5 लाख करोड़ रुपये होने वाला है। उन्होंने कहा कि इस हाईवे पर ट्राली बस व ट्राली ट्रक भी चलाए जा सकते हैं। इसके साथ ही गडकरी ने और कई जानकारियां दी है।

भारत के दो सबसे बड़े शहरों के बीच हाईवे पहले से ही उपस्थित है और अब करीब 20 - 24 घंटे का समय लगता है। अब इलेक्ट्रिक हाईवे तैयार करने की बात कही जा रही है। बतातें चले कि ट्राली बस वह इलेक्ट्रिक बस है जो ऊपर लगी तारों से पॉवर लेकर चलती है। वहीं इलेक्ट्रिक हाईवे वह जगह होती है जहां उस पर चलने वाले वाहनों को पॉवर लाइन की सुविधा मिलती है।

इसके साथ ही गडकरी ने कहा कि उनका मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि देश के सभी जिलों को फोर लेन सड़कों से जोड़ा जाएगा। वहीं गडकरी ने हेवी वाहनों के चलाने वालों से कहा कि वह वैकल्पिक फ्यूल का उपयोग करें जिसमें एथनाल, मेथनाल व ग्रीन हाइड्रोजन शामिल है ताकि प्रदूषण की समस्या से कड़ाई से लड़ा जा सके।

इसके पहले नितिन गडकरी ने सितंबर 2021 में कहा था कि दिल्ली से जयपुर के बीच इलेक्ट्रिक हाईवे का निर्माण किया जाएगा। नितिन गडकरी ने उसी समय दिल्ली से मुंबई के बीच इलेक्ट्रिक हाईवे का भी निर्माण किया जाएगा, यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है और इसके लिए वह स्वीडन की एक कंपनी से भी बात कर रहे थे।

क्या है इलेक्ट्रिक हाईवे?
जिस तरह से इलेक्ट्रिक ट्रेन को ऊपर लगी तारों से बिजली मिलती है वैसे ही सुविधा इलेक्ट्रिक हाईवे पर मिलती है। ऐसे में किसी भी जरूरी इलेक्ट्रिक हाईवे पर चलने वाली वाहन को कनेक्ट करके इस पर चला जा सकता है। वर्तमान में यूरोप के कई शहरों के बीच इस तरह के इलेक्ट्रिक हाईवे का निर्माण किया जाएगा।

दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन बढ़ रहा है, हालांकि उतनी तेजी से तो नहीं लेकिन भारत में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में बढ़त आई है। देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया के क्षेत्र में बड़ी क्रांति आई है लेकिन यह भी भी कुल बिक्री का 3 - 4% है। तिपहिया वाहन सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहन तेजी से बढ़ रहे हैं और अब करीब आधे तिपहिया वाहन इलेक्ट्रिक बेचे जा रहे हैं।

नितिन गडकरी लगातार पेट्रोल, डीजल के उपयोग को कम करने की बात कह रहे हैं और वैकल्पिक फ्यूल को बढ़ावा दे रहे हैं. हाल ही में उन्होंने कहा कि पांच साल के बाद देश में वाहनों को चलाने के लिए पेट्रोल की जरूरत खत्म हो जाएगी। गडकरी ने कहा कि भारत में बायो-फ्यूल का उत्पादन तेजी से बढ़ाया जा रहा है पांच सालों में देश पेट्रोल के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा। अपने भाषण में केंद्रीय मंत्री ने एथेनॉल, हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ईंधन पर प्रकाश डाला।

ड्राइवस्पार्क के विचार
भारत में अभी भी हाईवे सभी जगह पर नहीं फैले है और हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चरको बेहतर करने की जरूरत है लेकिन ऐसे समय में इलेक्ट्रिक हाईवे के बनाये जाने की बात कही जा रही है। यह वर्तमान समय में सही नहीं लगता है, इसके पहले हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करना चाहिए।


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