दिल्ली में ई-वाहनों को चार्ज करने की समस्या होगी समाप्त, दो महीने में खोले जाएंगे 100 चार्जिंग स्टेशन
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बहुत जल्द 100 चार्जिंग स्टेशन शुरू किये जाएंगे। उन्होंने यह घोषणा आज दिल्ली में 11 चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन करते हुए की। उन्होंने कहा कि ने चार्जिंग स्टेशन अगले दो महीने में शुरू कर दिए जाएंगे।

चार्जिंग स्टेशनों को लॉन्च करते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, "पहले चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन अलग-अलग बनाये जाते थे, लेकिन अब चार्जिंग स्टेशनों पर ही बैटरी स्वैपिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे दोपहिया और तीनपहिया इलेक्ट्रिक वाहन चालक अपने वाहनों की डिस्चार्ज बैटरी को बदल सकेंगे।

शुरू किए गए 11 चार्जिंग स्टेशनों में 73 चार्जिंग पॉइंट हैं। दिल्ली को देश का इलेक्ट्रिक वाहन राजधानी कहा जाता है, क्योंकि देश में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन दिल्ली में बेचे जाते हैं। केवल दिल्ली में ही देश के 10 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। आपको बता दें कि दिल्ली सरकार ने अगस्त, 2019 में इलेक्ट्रिक वाहन नीति (EV Policy) को लागू किया था, जिसके बाद से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में भारी इजाफा हुआ है।

दिल्ली सरकार का लक्ष्य दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार लाकर इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद बिक्री को बढ़ावा देना है। दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ा देकर राज्य में प्रदूषण की समस्या से भी निपटना चाहती है। इस महीने की शुरुआत में सरकार ने एक साल के भीतर 1,000 चार्जिंग स्टेशन का नेटवर्क तैयार करने की घोषणा की थी।

इन 1,000 चार्जिंग स्टेशनों में 315 लोकेशन पर बीआरपीएल के द्वारा 682 पॉइंट लगाए गए हैं, जबकि 70 लोकेशंस पर बीवायपीएल के द्वारा 150 चार्जिंग पॉइंट और टीपीडीडीएल द्वारा 50 लोकेशन पर 168 चार्जिंग पॉइंट लगाए गए हैं। वहीं तीन साल के भीतर दिल्ली सरकार ने अलग-अलग लोकेशन पर 18,000 चार्जिंग स्टेशन लगाने का फैसला किया है।

इनमें से 5,000 चार्जिंग स्टेशन मुख्य सड़कों, हाईवे के किनारे और गैर पार्किंग वाले रेजिडेंशियल कॉलोनी में लगाए जाएंगे। ऐसे चार्जिंग स्टेशन लंबी दूरी के लिए चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्जिंग की सुविधा मुहैया कराएंगे, साथ ही गैर पार्किंग वाले रेजिडेंशियल इलाकों में रहने वाले लोगों के भी बहुत काम आएंगे।

बता दें कि दिल्ली ईवी नीति के तहत राज्य में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, ऑटोरिक्शा, ई-रिक्शा, और माल गाड़ियों की खरीद पर अधिकतम 30,000 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है, जबकि इलेक्ट्रिक कार की खरीद पर 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी का लाभ उठाया जा सकता है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों को रजिस्ट्रेशन शुल्क से पूरी तरह मुक्त किया गया है।

दिल्ली परिवहन विभाग ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए पिछले साल दिल्ली में 1 लाख से ज्यादा पुराने वाहनों का पंजीकरण रद्द किया था। दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति को देखे हुए एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।


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