दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति के पूरे हुए 2 साल, ईवी नीति के तहत बेचे गए कुल 59,949 ई-वाहन
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन नीति (Delhi EV Policy) के लॉन्च होने के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में बढ़त दर्ज की गई है। दिल्ली में ईवी नीति को लागू हुए दो साल पूरा पूरे हो गए हैं और इस इस नीति के तहत राज्य में 59,949 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे गए हैं। आपको बता दें, दिल्ली देश भर में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने वाले राज्यों में एक है। दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन नीति को अगस्त 2020 में लागू किया गया था, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर ग्राहकों को दिल्ली सरकार सब्सिडी दे रही है।

आपको बता दें, दिल्ली में कुल पंजीकृत वाहनों का 18.6 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन हैं। वाहन पोर्टल के ताजा आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में 1,58,578 वाहन पंजीकृत हैं। कोरोना महामारी के पहले दिल्ली में औसतन हर साल करीब 20,000 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे जा रहे थे ,लेकिन कोरोना महामारी के चलते यह आंकड़ा घटकर 12,000 यूनिट पर आ गया था।

अगस्त 2020 में दिल्ली ईवी नीति को लागू करने के बाद उस महीने 739 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत किए गए थे। वहीं सितंबर 2020 से अब तक ईवी नीति के तहत कुल 59,949 वाहन बेचे गए हैं। दिल्ली सरकार ईवी नीति के दो साल पूरा होने के अवसर पर 10 अगस्त को चौथे दिल्ली ईवी फोरम का आयोजन करने वाली है।

इस फोरम का आयोजन संवाद और विकास आयोग (DDC) के द्वारा किया जाएगा। डीडीसी ने एक बयान में कहा है कि इस फोरम में दिल्ली सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से संबंधित किसी नई नीति की घोषणा कर सकती है। इस आयोजन में कुल 15 श्रेणियों में स्विच दिल्ली अभियान के तहत काम करने वाली संस्थाओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

दिल्ली में हर महीने कुल वाहन बिक्री का 10 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन है। मार्च 2022 में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 12.5 प्रतिशत तक पहुंच गई थी जो अबतक की सबसे अधिक संख्या है। दिल्ली में हर दिन करीब 144 नए इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत किये जा रहे हैं।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में 13 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। केंद्र सरकार 2030 तक निजी कारों में 30 प्रतिशत, वाणिज्यिक कारों में 70 प्रतिशत, बसों में 40 प्रतिशत और दोपहिया और तिपहिया वाहनों में 80 प्रतिशत तक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की उम्मीद कर रही है।

ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (Beauro of Energy Efficiency) के आंकड़ों के मुताबिक देश में कुल 2,826 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन चालू हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए हाईवे और एक्सप्रेसवे पर भी चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं, ताकि चार्जिंग की समस्या को कम किया जा सके। NHAI ने हाईवे और एक्सप्रेसवे के कई नए परियोजनाओं में चार्जिंग स्टेशनों भी स्थापित करने की स्वीकृति दी है।

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए स्वच्छ ऊर्जा श्रोतों से बिजली तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले वाहनों के लिए ग्रीन हाइड्रोजन को तैयार करने वाली इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने बजटीय आवंटन की घोषणा की है।


Click it and Unblock the Notifications








