लद्दाख में लाॅन्च हुआ सोलर से चलने वाला पहला ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन
कनवर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) ने इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए लद्दाख में पहला चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया है। कंपनी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ट्वीट साझा किया है जिसमें कुछ इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करते हुए दिखाया गया है। सीईएसएल का कहना है कि यह लद्दाख को उत्सर्जन रहित क्षेत्र बनाने के लिए उठया गया पहला कदम है।

सीईएसएल का कहना है कि यह चार्जिंग स्टेशन लद्दाख में अपनी तरह का पहला चार्जिंग स्टेशन है। इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए बनाया गया यह चार्जिंग अपनी बिजली खुद ही तैयार करता है। इस चार्जिंग स्टेशन की छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं बैटरी चार्ज होती रहती है। यानी अगर मौसम अच्छा हो तो इस चार्जिंग स्टेशन को चलाने के लिए बिजली की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

बता दें कि सीईएसएल केंद्र सरकार की एजेंसी एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की सहायक कंपनी है। सीईएसएल देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आधारभूत संरचना विकसित कर रही है। इसके अलावा, यह एजेंसी देश के अलग-अलग राज्यों में इलेक्ट्रिक बसों को उतारने की योजना पर भी काम कर रही है।

सीईएसएल ने देश भर में 50,000 इलेक्ट्रिक बसों को उतारने की योजना बनाई है जिसकी कुल लागत 80 हजार करोड़ रुपये हैं। इस योजना के तहत दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, कोलकाता, अहमदाबाद, पुणे जैसे कई बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक बसों को उतारा जा रहा है।

सीईएसएल की मानें तो, 2030 तक देश के 25 राज्यों में 50,000 इलेक्ट्रिक बसों को उतारने की योजना है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सीईएसएल से 25 राज्यों में 30,000 पुरानी बसों को स्क्रैप करने के लिए एक कार्यक्रम तैयार करने का अनुरोध किया है। यह ई-बसों की खरीद के लिए दुनिया का सबसे बड़ा टेंडर होने वाला है।

देश में तेजी से बढ़ रही है इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है और इसके लिए चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क का भी विकास किया जा रहा है। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल के अनुसार, देश में 13 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण किया जा चुका है। वहीं देश के अलग-अलग राज्यों में 2,500 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन परिचालन मे हैं।

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तीन गुना इजाफा हुआ है। आंकड़ों को देखें तो, वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 4,29,217 यूनिट्स हुई थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान यह बिक्री 1,34,821 यूनिट्स की थी। वहीं वित्तीय वर्ष 2019-20 में कुल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 1,68,300 यूनिट्स थी।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष के दौरान इलेक्ट्रिक कारों की खुदरा बिक्री 17,802 यूनिट थी, जो वित्त वर्ष 2020-2021 में हुई 4,984 यूनिट की बिक्री से तीन गुना अधिक थी। पिछले वित्त वर्ष में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 2,31,338 यूनिट रही, जो वित्तीय वर्ष 2020-21 में बेची गई 41,046 यूनिट की तुलना में पांच गुना अधिक है।


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