चंडीगढ़ को मिली 40 इलेक्ट्रिक बसें, जल्द होगी इलेक्ट्रिक वाहन नीति की घोषणा
चंडीगढ़ परिवहन विभाग ने हाल ही में 40 अशोक लेलैंड की इलेक्ट्रिक बसों को अपने बेड़े में शामिल किया है। शून्य-उत्सर्जन बसें स्विच मोबिलिटी ऑटोमोटिव लिमिटेड के तहत संचालित की जाएंगी और इनके जल्द ही सेवा में आने की उम्मीद है। बसों को हाल ही में चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) को डिलीवर किया गया था।

पिछले साल दिसंबर में, स्विच मोबिलिटी ने FAME-II योजना के तहत इन 40 इलेक्ट्रिक बसों को संचालित करने के लिए बोली जीती थी। ये इलेक्ट्रिक बसें फास्ट चार्जिंग तकनीक से लैस हैं। इन्हें चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) द्वारा निर्धारित रूट प्लान के भीतर चलाया जाएगा। स्विच मोबिलिटी के अनुसार, ये 40 इलेक्ट्रिक बसें हर साल औसतन 1700 टन कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेंगी।

स्विच मोबिलिटी इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को संचालि करने से साथ उनके देखरेख का काम भी करेगी। इन इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने के लिए निर्धारित रूट पर बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, इन बसों के लिए चंडीगढ़ के डिपो-3, आईएसबीटी-17, आईएसबीटी-43 और पीजीआई में डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं।

पिछले साल, केंद्र ने भारत में (फेम इंडिया) योजना के फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ (हाइब्रिड एंड) इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के दूसरे चरण के तहत चंडीगढ़ के लिए 80 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी थी। इन बसों से चंडीगढ़ को वर्तमान में चल रही डीजल बसों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। केंद्र शासित प्रदेश में वर्तमान में स्थानीय या उपनगरीय मार्गों पर चलने वाली 350 से अधिक डीजल बसें हैं। चंडीगढ़ का लक्ष्य 2027-28 तक जीवाश्म ईंधन से चलने वाली इन सभी बसों को इलेक्ट्रिक बसों से बदलने का है।

चंडीगढ़ में जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन नीति की घोषणा हो सकती है। चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के पहले इलेक्ट्रिक वाहन नीति के मसौदे को पांच साल के लिए मंजूरी दे दी है जो 1 अप्रैल, 2022 से लागू होगा। ड्राफ्ट के अनुसार, यह नीति पांच वर्षों के लिए लागू की जाएगी। इलेक्ट्रिक वाहन नीति को मंजूरी देने से पहले सभी हितधारकों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश की आम जनता से सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित करने के लिए नीति को सार्वजनिक डोमेन में 30 दिनों तक रखा जाएगा।

चंडीगढ़ इलेक्ट्रिक वाहन नीति में इलेक्ट्रिक साइकिल, दोपहिया, तिपहिया, इलेक्ट्रिक कार्गो वाहनों के साथ-साथ चार पहिया, यात्री और वाणिज्यिक सहित इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को प्रोत्साहित करने का प्रावधान किया गया है। नीति के तहत प्रोत्साहन, केंद्र सरकार की FAME II योजना के अतिरिक्त दिया जाएगा। चंडीगढ़ क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहक इस नीति के तहत मिलने वाली सब्सिडी का लाभ उठा सकेंगे।

मसौदा नीति के तहत, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के प्रोत्साहन में पंजीकरण शुल्क माफ करना शामिल है। चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों को पहले से ही 2024 तक रोड टैक्स से छूट दी गई है। इसके अलावा, अंतिम मील डिलीवरी के लिए उपयोग किए जाने वाले दोपहिया सहित वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों को 31 मार्च, 2024 तक इलेक्ट्रिक फ्लीट में बदलने का निर्देश दिया गया है। इसमें कैब एग्रीगेटर भी शामिल होंगे।

खरीदार दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5,000 प्रति किलोवाट के प्रोत्साहन का लाभ उठा सकते हैं, जो अधिकतम 30,000 रुपये तक होगा। वहीं, इलेक्ट्रिक कारों पर 10,000 रुपये प्रति किलोवाट का प्रोत्साहन दिया जाएगा जो अभिकतम 1.50 लाख रुपये तक हो सकता है। तीन-पहिया इलेक्ट्रिक रिक्शा या किसी भी तीन पहियों वाले इलेक्ट्रिक वाहन पर अधिकतम 30,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।

मसौदा नीति में चंडीगढ़ में हर साल पेट्रोल और डीजल दोपहिया और तिपहिया वाहनों की संख्या को सीमित करने का भी सुझाव दिया गया है। विकल्प और मूल्य सीमा की सीमित उपलब्धता के कारण चार पहिया वाहनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा।

नीति में सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पांच साल के लिए चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा संचालित पार्किंग स्थल पर पार्किंग शुल्क पर 100 प्रतिशत छूट का भी उल्लेख है। चंडीगढ़ इलेक्ट्रिक वाहन नीति सार्वजनिक चार्जिंग बुनियादी ढांचे को बनाने में भी मदद करेगी और इसका लक्ष्य पहले दो वर्षों में कम से कम 100 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बनाना है।


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