ऑटोमैटिक कार में न्यूट्रल गियर क्यों होता और इसके क्या फायदे हैं?
आज-कल लगभग हर कार में ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प दिया जाता है। लेकिन उसमें कई बार ये देख कर लोग सोच में पड़ जाते हैं कि इसमें न्यूट्रल गियर क्यों दिया गया है? ऑटोमैटिक कार में न्यूट्रल गियर का क्या काम? कई बार तो ये बात ड्राइवर्स तक को भी नहीं पता होती। लेकिन बता दें कि ऑटोमैटिक कार में भी न्यूट्रल गियर का अपना महत्तव होता है। कई बार तो ये आपातकाल में भी काम में आता है और आपकी जान बचाने तक बचा जाते हैं। तो आइये जानते हैं कि ऑटोमैटिक कार में न्यूट्रल गियर क्यों होता है।

पहले तो ये बता देते हैं कि ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन क्या होता है?.
ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन में चालक को बार बार गियर के परिवर्तन के लिए क्लच और गियर के इस्तेमाल की जरूरत बार-बार नहीं पड़ती है। ऑटोमेटिक गियर बाक्स में गियर तब लगता है जब इंजन का आरपीएम एक तयशुदा गति प्रदान कर लेता है। इस दौरान हमारा गियर पर कोई भी नियंत्रण नहीं होता है।

यह भी पढ़ें..
- टायर फटने से गंभीर एक्सीडेंट हो सकते हैं - बचने के लिए ये टीप्स अपनाएं
- कार या बाइक की माइलेज कैसे जांचे?
- फोर्ड इकोस्पोर्ट S इकोबूस्ट रिव्यू - सेगमेंट की बेस्ट परफॉरमेंस कार

ऑटोमेटिक ट्रांसमीशन में गियर का मूवमेंट पूरी तरह वाहन की गति पर निर्भर करता है, जब भी इंजन को ज्यादा शक्ति की जरूरत होती है तो गियर ऑटोमेटिक कम हो जाता है और इसी प्रकार उपर भी हो जाता है।

AMT में न्यूट्रल गियर
ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों में न्यूट्रल गियर लगाने पर इंजन और पहियों के बीच का कनेक्शन खत्म हो जाता है। पेडल दबाने पर भी पहियों को पावर नहीं पहुंचता। ऑटोमैटिक कार में गियर के न्यूट्रल में शिफ्ट करने से कोई नुकसान नहीं होता। हालांकि न्यूट्रल गियर में शिफ्ट करने के बाद कार को रोकने के लिए ब्रेक्स पर ज्यादा प्रेशर देना पड़ सकता है। ऐसा अक्सर करने से टॉर्क कनवर्टर के खराब होने के चांसेस रहते हैं।

कब करें न्यूट्रल गियर का इस्तेमाल?
1. एमरजेंसी ब्रेक में
तेज रफ्तार में ड्राइव करते हुए यदि आपको अचानक ब्रेक लगाना पड़ जाए तो आप न्यट्रल गियर का इस्तेमाल अवश्य करें। ऐसे मौके पर कार का इंजन बंद न करें क्योंकि इंजन बंद करने से स्टीयरिंग का इंजन से पावर कट होगा। ऐसे में आप बिना डैमेज के कार को रोक लें, इसकी संभावना न के बराबर है। इसलिए न्यूट्रल गियर लगाएं और ब्रेक का इस्तेमाल करते हुए कार रोकने का प्रयत्न करें।

2. ब्रेक फेल होने पर
आपने लोगों को ये कहते हुए सुना होगा कि ड्राइव के दौरान ब्रेक फेल हो जाने पर इंजन को बंद कर देना ही सबसे बेहतर विकल्प होगा क्योंकि इससे कार की स्पीड थोड़ी जल्दी कम होगी और कार रोकने में आसान हो जाएगा। यह बात सही है लेकिन अगर कार ऑटोमैटिक हो तो ऐसा हरगिज न करें क्योंकि जैसा हमने ऊपर आपको बताया इससे आपका स्टीयरिंग व्हील पर से कंट्रोल हट जाएगा। नतीजतन, गाड़ी का व्हील मैकेनिज्म लॉक हो सकता है और स्थिति ज्यादा खतरनाक हो सकती है। न्यूट्रल गियर में गाड़ी को शिफ्ट करने से आप कार को टॉगल करते हुए कहीं आसानी से सुरक्षित पार्क कर सकते हैं।

3. कार टोइंग के दौरान
कार टोइंग के दौरान यदि टोइंग करने वाले के पास के पास टो डॉली नहीं है तो कार को न्यूट्रल मोड में डाल दें। ऐसा करने से इंजन ऑन रहेगा और ट्रांसमिशन को कम नुकसान होगा।

क्या न्यूट्रल गियर में ड्राइव करना खतरनाक है?
ऑटोमैटिक कारों में न्यूट्रल गियर विशेष परिस्थितियों के लिए दिया जाता है। यदि बहुत जरुरत न हो तो इसका उपयोग नहीं करना चाहिए और खासकर तेज रफ्तार में। क्योंकि जैसा हमने आपको ऊपर बताया कि न्यट्रल गियर में शिफ्ट करने पर इंजन और पहियों के बीच का कनेक्शन खत्म हो जाता है , जो कि कई बार एक्सीडेंट का भी कारण बनता है।


Click it and Unblock the Notifications








