टायर फटने से गंभीर एक्सीडेंट हो सकते हैं - बचने के लिए ये टीप्स अपनाएं
हर कार और टायर की अलग प्रेशर क्षमता होती है। इसमें आप कार निर्माता या डीलरशीप की मदद ले सकते हैं।
आय दिन हमें एक्सीडेंट की खबरें सुनाई देती रहती हैं। कई दुर्घटनाओं का मुख्य कारण टायर फटना या टायर से संबंधित समस्याओं से होता है। टायर किसी भी वाहन का एक सबसे जरुरी अंग होता है। लोग उसपर ध्यान नहीं देते लेकिन ये टायर आपकी कार की माइलेज और आपकी सुरक्षा में महत्वपूर्ण भुमिका अदा करते हैं। इसलिए जरूरी है कि टायर को हमेशा मेंटेंन रखें और समय-समय पर उसकी जांच करते रहें। आईये जानते हैं टायर मेंटेनेंस के लिए जरूरी कुछ टीप्स।

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1. कहीं निकलने से पहले टायर जांच लें
कहीं भी निकलने से पहले अपने कार के टायर को अच्छी तरह से जांच लें। ध्यान से देखें की कहीं उसमें कोई नोकिला पदार्थ जैसे कि किल ईत्यादि न धंसे हों। क्योंकि कई बार किल ईत्यादि धंसे होने के बावजूद वो बहुत देर बाद मालुम पड़ता है।

2. प्लेन टायर को बदलवा लें
देख लें की टायर थ्रेड्स पूरी तरह से घिस ना गए हों। क्योंकि सपाट टायर में ज्यादा जल्दी पंक्चर या डैमेज होने की संभावना होती है। जरूरत पड़े तो उसे बदलवा लेना ही बेहतर है।

3. उचित प्रेशर को मेंटेन रखें
हर कार और टायर की अलग प्रेशर क्षमता होती है। इसमें आप कार निर्माता या डीलरशीप की मदद ले सकते हैं। कार के मैनुअल में हमेशा ही टायर प्रेशर के बारे में दिया होता है। अगर आपके पास वो नहीं है तो आप डीलरशीप या आथोराइज्ड सर्विस सेंटर से पता लगा सकते हैं।

कार के टायर में उचित हवा न होने पर कार की हैंडलिंग भी मुश्किल हो जाती है। चाहे हवा ज्यादा हो या कम दोनों ही स्थीति में ये नुकसान दायक हो सकता है। इसलिए निर्माता द्वारा बताए गए टायर प्रेशर का ठीक से पालन करें।

4. बड़े टायर ना लगाएं
कार हो या बाइक वाहनों का मॉडिफिकेश आज-कल आम बात है। लेकिन जब मॉडिफिकेशन की बात आती है तो सबसे पहले उसमें बड़े टायर लगाने का चलन है। ये देखनें में भले ही बोल्ड लगें लेकिन ये आपके वाहन खासकर कार की बॉडी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कार चलाते समय ओवरस्पीडिंग या कॉर्नर पर टायर कार के बॉडी पर स्क्रैप कर सकता है, इसलिए इससे बचने की कोशिश करनी चाहिए।

5. उचित टायर चुनें
कार में कंपनी द्वारा बताए गए टायर ही लगाएं। क्योंकि सड़क या ऑफ-रोड के लिए अलग-अलग कार में अलग-अलग टायर लगे होते हैं। सड़क पर ऑफ-रोड वाला टायर लगाने पर ये अधिक घर्षण पैदा करते हैं जिससे स्पीड तो कम होती है साथ ही इंजन पर भी अधिक प्रेशर पड़ता है।

6. व्हील बैलेंसिंग
सभी समस्याओं से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि कार के सभी पार्ट्स की नियमीत जांच करवाते रहें। जांच के दौरान ये सुनिश्चित करें कि टायर का अलाइनमेंट ओर बैलेंस सही हो। ये बहुत ही जरुरी है।

7. टायर को रोटेट करे
टायर बैलेंसिंग के अलावा आप समय-समय पर टायर को रोटेट भी कर सकते हैं, जिससे आपके टायर की लाइफ भी बढ़ जाएगी। यहां रोटेट करने का अर्थ है कि आप अगले टायर को पीछे और पीछे के टायर को आगे रिप्लेस कर सकते हैं।

8. चारों टायर को एक साथ बदलें
चारों टायर को एक साथ बदलना बहुत ही आवश्यक है। ये ऐसा ही है जैसे अगर आपका एक जूता खराब हो गया तो नया जोड़ा खरीदते हैं न कि एक।

यदि आप एक या दो टायर बदलते हैं तो ये कार की हैंडलिंग में दिक्कत करेगा। रोड पर ट्रैक्शन में भी दिक्कत होगी। और तो और ये कार की माइलेज पर भी विपरीत असर डालता है।

9. टायर को ऑथोराइज्ड डीलर से ही खरीदें
टायर को ऑथोराइज्ड सेंटर से खरीदन के कई फायदें हैं। वो आपको कार मेंटेनेंस के उचित टीप्स और कार के रख-रखाव का उचित सुझाव देंगे। साथ ही अगर आपके पुराने टायर की वारंटी या गारंटी बाकी है तो शायद वो उसे बदल कर भी दे दें। एक और फायदा है कि वो ओरिजनल टायर ही लगाएंगे।

10. ब्रेक लें
यदि आप लंबी यात्रा पर जा रहें हैं तो यह बहुत जरुरी है कि आप दो से तीन घंटे के अंतराल पर ब्रेक लें। इस दौरान आप टायर को चेक करलें कि कहीं उसमें कोई डैमेज तो नहीं हुआ है। हालांकि टायर को रफ यूज के लिए बनाया जाता है पर फिर भी थोड़ा ब्रेक लेने से टायर का टेंप्रेचर भी कुल हो जाएगा क्योंकि लगातार चलते रहने से उसमें भी गर्मी पैदा हो जाती है।


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