सरकार ला रही है 15 साल से पुराने वाहनों को बंद करने का प्रस्ताव, इलेक्ट्रिक वाहन में होगी बढ़ोत्तरी
सरकार पिछले कुछ समय से मोटर व्हीकल अधिनियम में संसोधन का काम कर रही है। लोक सभा से संसोधित मोटर व्हीकल बिल को पास भी करा लिया गया है। सरकार अब इसे राज्य सभा में प्रस्तुत करने वाली है। राज्य सभा से पास होने के बाद यह विधेयक कानून के रूप में पूरे देश में लागू हो जाएगा।

परिवहन विभाग ने नए मोटर व्हीकल अधिनियम में कई बदलाव किए है। इन बदलाव में कई कड़े कानून को शामिल किया गया है। सरकार द्वारा पेश किए गए नए विधेयक पर लोक सभा में खूब विबाद भी हुआ है।

लोक सभा में विपक्ष के सदस्यों ने इस विधेयक को असंवैधानिक बताया है। साथ ही विरोध में यह भी कहा है कि नया बिल राज्य के परिवहन आयोग की भूमिका को खत्म करता है। हालांकि इस पर सरकार ने यह साफ किया है कि इससे राज्य और केंद्र के बीच अधिक सांमज्सय बनेगा।

लेकिन इन सबके बीच यह खबर भी आ रही है कि बीते शुक्रवार को सरकार ने 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को बंद करने जा रही है। इसके लिए सरकार ने मोटर व्हीकल अधिनियम में स्क्रैपिंग की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया है। सरकार नए मोटर व्हीकल बिल में इसे संसोधित करावयगी।

इसके साथ ही हर एक साल की जगह 6 महीने पर ही 15 साल से पुराने वाहनों का फिटनेस टेस्ट प्रमाण पत्र का नवीनीकरण करना होगा। सड़क परिवहन और राज्य मंत्रालय ने कहा है कि "मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बसों में दिव्यांग के लिए आरक्षित सीट का प्रावधान रखा है। इसके साथ ही 15 साल से पुराने वाहनों को स्क्रैपिंग के लिए भी मसौदा बनाया गया है, जिसे नए मोटर व्हीकल अधिनियम में शामिल किया जाएगा।"

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सरकार ने यह साफ किया है कि 15 साल से अधिक पुराने मोटर वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र के नवीकरण शुल्क में भी बढ़ोत्तरी किया गया है। नए बिल में मैनुअल वाहनों के लिए 1200 रुपयें और ऑटोमेटिक वाहनों के लिए 2,000 रुपयें के प्रमाण पत्र के नवीकरण शुल्क का प्रास्ताव है।

मंत्रालय से यह भी बतलाया गया है कि "बिल में प्राथमिकता वाली सीटें, संकेत, बैसाखी, व्हीलचेयर से दिव्यांगों के लिए प्रवेश की सुविधा जैसी जरूरी सुविधाओं को फिटनेस निरक्षण के समय सुनिश्चित करना होगा।"

पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करने या नवीनीकरण के लिए शुल्क के भुगतान के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को छूट दी जाएगी। यह एक मुख्य कारण है कि सरकार पुराने वाहनों को हटा रही है ताकि लोग ईवी से आकर्षित हों, जो पर्यावरण के लिए भी अच्छा है।

वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरन और नवीनीकरण के लिए शुल्क में छूट दिया जाएगा। इससे सरकार की योजना पुराने वाहनों के उपयोग को कम से कम करना है। साथ ही लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना भी है।

सरकार ने मध्यम और भारी माल या फिर यात्री वाहनों के लिए भी शुल्क को बढ़ा दिया है। नए अधिनियम के तहत अब आपको कमर्शियल यात्री या अन्य भारी वाहनों के लिए 20,000 रुपयें तक बढ़ा दी है। वहीं नवीकरण के लिए 40,000 रुपयें का भुगतान करना पड़ सकता है। साथ ही बाहर से आयात होने वाले वाहनों पर भी यही शुल्क वसूला जाएगा।

पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग पर विचार
सरकार पुराने वाहनों के उपोयगिता को खत्म करना चाहती है। सरकार की यह योजना बढ़ते प्रदूषण को रोकने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए है। पुराने वाहनों की छंटनी करना सरकार द्वारा लिया गया अच्छा प्रयास है।

ऐसा करने से लोग अपने पुराने वाहनों को बेच देंगे और भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन के विकल्प की ओर बढ़ेंगे। क्योंकि सरकार ने इवीएस पर पंजीकरण शुल्क नहीं लेने का फैसला किया है।


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