गोवा में लॉन्च हुई भारत की पहली बायो-फ्यूल बस, इन खासियतों से है लैस..
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गोवा में भारत का पहला बायो-फ्यूल बस लॉन्च हो गई है। यह बस 36 सीटों से लैस है। आइए इस बस के बारे में विस्तार से जानते हैं।
यूं तो पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन अलग-अलग तरीकों से होता है लेकिन इस बार गोवा में यह आयोजन बिल्कुल अलग रहा। यहां इस दिन को खास बनाने के लिए भारत की पहली बायो-फ्यूल बस लॉन्च की गई।

बताते चलें कि भारत की पहली बायो-फ्यूल बस का शुभारंभ स्कैनिया द्वारा बनाई गई बस को पायलट परियोजना के रूप में पेश किया गया। गोवा की गवर्नर मृदुला सिन्हा ने पणजी में आदिल शाह पैलेस से 36 सीटर बस को झंडी दिखाई।

इसके अलावा, स्वतंत्रता दिवस पर दो और बसों को भी इथेनॉल पर चलाया गया। ये तीनों बसें गोवा की राज्य परिवहन व्यवस्था, कदंबां ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केटीसीएल) का हिस्सा होगी। पायलट प्रोजेक्ट तीन महीने की लंबी अवधि के लिए है।

गोवा सरकार को उम्मीद है कि फरवरी 2018 तक अपने बेड़े में 40 ईको-फ्रेंडली ईंधन बसें होंगी। बसों को सलिगाओ में स्थित ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र में बायोगैस के माध्यम से बनाए रखा जाएगा।

आपको जानकर हैरानी होगी कि इसी तरह की एक परियोजना पर राजधानी दिल्ली में भी काम चल रहा है। खबरों के मुताबिक करीब साल भर दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि दिल्ली सरकार यहां की सड़कों पर हाईब्रिड बसें लाने जा रही है जो बायो फ्यूल से चलेंगी।

खबर है कि राज्य सरकार योजना को लागू करने से पहले एक पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू करेगी और इसके लिए उनकी कई कंपनियों से बातचीत चल रही है।

DriveSpark की राय
राज्य परिवहन बस और भारी वाहन वायु प्रदूषण में बहुत योगदान करते हैं। जहां इस समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकारें कच्चे तेल चलाने वाले वाहनों से दूर जाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। गोवा में भारत की पहली जैव ईंधन वाली बस का परिचय एक स्वागत योग्य है। इससे भारत के अन्य शहर भी प्रोत्साहित होगें।


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