अब महिलाओं को भी हेल्मेट पहनने की ज़रूरत है
हाल ही में दिल्ली सरकार ने दो पहिया वाहन की पिछली सीट पर बैठने वाली महिलाओं को हेल्मेट पहनना अनिवार्य कर दिया है। यह कानून जल्द ही लागू हो जाएगा। हालांकि, धार्मिक आधार पर सिख महिलाओं को छूट दी गई है, परंतु दूसरे धर्म के लोगों पर यह नियम पूरी तरह लागू होगा।
1998 में, दिल्ली सरकार ने टू्-व्हीलर की पिछली सीट पर बैठने वालो के लिए हेल्मेट पहनना अनिवार्य कर दिया था, लेकिन धार्मिक विरोध के कारण यह कानून महिलाओं के लिए वैकल्पिक बना दिया गया था।
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परिवहन विभाग के एक मुख्य अधिकारी ने कहा है कि अब दिल्ली में दोपहिया वाहन की पिछली सीट पर बैठने वाली महिलाओं के लिए हेल्मेट पहनना अनिवार्य कर दिया है। परंतु, धार्मिक आधार पर सिख महिलाओं को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।

दिल्ली के परिवहन विभाग के अनुसार, 2012 की सड़क दुर्घटनाओं में कुल 576 दोपहिया वाहन सवारों ने अपनी जान खो दी। इनमें अधिकतम लोगों की मौत सिर में लगी चोट के कारण हुई है तथा इन दुर्घटनाओं को हेल्मेट पहनकर टाला जा सकता था।
सिख महिलाओं को मिली छूट को देखते हुए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (डीएसजीएमसी) ने, ट्रैफ़िक विभाग द्वारा जारी किए गए इस नियम का स्वागत किया है। सिख महिलाओं की पहचान के लिए समिति माइनर प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सहमत हो गई है।
अब गाड़ी की पिछली सीट पर बिना हेल्मेट पहने सफ़र करने वाली महिलाओं को भी जुर्माना भरना पड़ेगा।


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