बैटरी स्वैपिंग से कम होगा इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में आग लगने का खतरा, जानें कैसे काम करती है यह तकनीक

हाल ही के दिनों में इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की कई खबरें सामने आई हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों में पेट्रोल-डीजल वाहनों के मुकाबले आग लगने की संभावना काफी कम होती है लेकिन अगर इलेक्ट्रिक वाहन में आग लग जाए तो यह बहुत तेजी से फैलती है। यह इसलिए होता है क्योंकि इनमें लगी बैटरियों में कई तरह के ज्वलनशील रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने का पता पहले नहीं लगाया जा सकता, लेकिन बैटरी स्वैपिंग जैसी कुछ नई तकनीकों के उपयोग से इनमें आग लगने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

बैटरी स्वैपिंग से कम होगा इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में आग लगने का खतरा, जानें कैसे काम करती है यह तकनीक

क्या है बैटरी स्वैपिंग तकनीक?

बैटरी स्वैपिंग किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करने का सबसे तेज तरीका है। दरअसल, यह एक ग्रिड होता है जिसमें कई बैटरियों को एक साथ चार्ज करने के लिए लगाया जाता है। बैटरी स्वैपिंग स्टेशन पर आप अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर, बाइक या थ्री-व्हीलर की डिस्चार्ज बैटरी को बदलकर पूरी तरह चार्ज बैटरी लगा सकते हैं। मौजूदा समय में भारत में कुछ गिनी-चुनी कंपनियां ही अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग की सुविधा प्रदान कर रही हैं।

बैटरी स्वैपिंग से कम होगा इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में आग लगने का खतरा, जानें कैसे काम करती है यह तकनीक

बैटरी स्वैपिंग से कम हो सकता है आग लगने का खतरा

दरअसल, इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी को चार्ज करते समय उसका तापमान बढ़ जाता है। बैटरी को चार्ज करने के बाद वाहन को चलाने से बैटरी को ठंडा होने का समय नहीं मिलता जिससे बैटरी अधिक गर्म हो जाती है और उसमें आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं स्वैप ग्रिड आपको पहले से पूरी तरह चार्ज बैटरी देता है, जो पूरी तरह चार्ज होने के बाद कुछ देर ग्रिड में रहने के बाद ठंडी हो जाती है।

बैटरी स्वैपिंग से कम होगा इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में आग लगने का खतरा, जानें कैसे काम करती है यह तकनीक

इलेक्ट्रिक वाहन की डिस्चार्ज बैटरी भी लगातार उपयोग के कारण गर्म हो जाती है। जब इसे बैटरी स्वैपिंग स्टेशन पर दोबारा चार्ज करने के लिए लगाया जाता है तो इसका तापमान कुछ देर में कम हो जाता है। इससे बैटरी में आग लगने का खतरा भी कम हो जाता है।

बैटरी स्वैपिंग से कम होगा इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में आग लगने का खतरा, जानें कैसे काम करती है यह तकनीक

ये कंपनियां दे रही है बैटरी स्वैपिंग की सुविधा

भारत में कई कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों का निर्माण कर रही हैं। फिलहाल, यह स्टेशन आपको महानगरों में ही देखने को मिल सकते हैं जहां इलेक्ट्रिक वाहनों के ग्राहक अधिक हैं। बाउंस मोबिलिटी बैटरी स्वैपिंग स्टेशन की सुविधा उपलब्ध करने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है। हाल ही में बाउंस ने बेंगलुरु में बैटरी स्वैपिंग स्टेशन खोला है।

बैटरी स्वैपिंग से कम होगा इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में आग लगने का खतरा, जानें कैसे काम करती है यह तकनीक

बाउंस के अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रमुख निर्माता बैट्री (BattRE) भी अपने वाहनों के लिए बैटरी स्वैपिंग स्टेशन उपलब्ध करा रही है। हाल में बैट्री ने बाउंस के साथ साझेदारी की है। इस व्यवस्था के तहत बैट्री के ग्राहक बाउंस के बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों के विस्तृत नेटवर्क का उपयोग कर सकेंगे। संचालन के पहले चरण में, बाउंस प्रत्येक शीर्ष शहर में कम से कम 300 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन तैनात करेगा। 12 शहरों में ऐसा नेटवर्क स्थापित करने की योजना है।

More from Drivespark

Article Published On: Monday, March 28, 2022, 17:03 [IST]
English summary
Use of battery swapping may reduce potential risk of battery fire
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+