Nitin Gadkari: ओवरलोडिंग के कारण होने वाले हादसों के लिए ट्रांसपोर्टर हैं जिम्मेदार, होगी कड़ी कार्रवाई
केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने ओवरलोडिंग (Overloading) से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के लिए ट्रांसपोर्ट कंपनियों (Transporters) को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने ट्रांसपोर्ट कंपनियों को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर कंपनियां नियमों का पालन करें तो ओवरलोडिंग के कारण हर साल होने वाले हजारों दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

ट्रेलर ओनर एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि सरकार ने ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाए हैं लेकिन फिर भी ट्रांसपोर्टर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह मनमानी करने वाले ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ वह कार्रवाई कर रहे हैं और उनपर जुर्माना भी लगाया जा रहा है।

गडकरी ने ट्रांसपोर्टरों को परमिट जारी करने वाली प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटलीकरण का भी समर्थ किया और कहा कि इससे भ्रष्टाचार में कमी आएगी। हालांकि, दुर्भाग्य से यह विषय समवर्ती सूची में है जिसके तहत राज्य और केंद्र अलग-अलग तरह से कानून को लागू करते हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन के क्षेत्र में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा।

गडकरी ने कहा कि वे ट्रांसपोर्टरों की समस्या से अवगत हैं कि उन्हें क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट विभाग (आरटीओ) से परमिट लेने में किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस वजह वजह से स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार के मामले भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस समस्या का समाधान प्रक्रिया को डिजिटल बना कर किया जा सकता है।

देश के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर पर बात करते हुए गडकरी ने कहा कि वह जल्द ही एक ऐसी परियोजना पर काम शुरू करना चाहते हैं जिसमें देश के हर छोटे-बड़े बंदरगाह को चार लेन सड़क से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे बंदरगाह से अन्य इलाकों में माल के परिवहन में तेजी आएगी और देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

आपको बता दें कि नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा था की अगले पांच साल के भीतर देश में पेट्रोल की जरूरत समाप्त हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, देश में बायो फ्यूल का उत्पादन बड़े स्तर पर किया जा रहा है जिससे अगले कुछ साल में देश पेट्रोल के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा।

नितिन गडकरी इलेक्ट्रिक वाहन और वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल के खुले पैरोकार रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में यह भी दावा किया कि इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत अगले दो वर्षों में पेट्रोल से चलने वाली कारों के बराबर हो जाएगी।

उन्होंने भारत में टोयोटा के हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहन (FCEV), मिराई (Mirai) पर एक पायलट अध्ययन भी शुरू किया है। हालांकि, इनमें से कितने दावे अमल में आते हैं, यह देखा जाना बाकी है।


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