टीपीडीडीएल ने दिल्ली में लगाए 1400 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन, 50 और जोड़ने का लक्ष्य
टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) ने दिल्ली में 1,400 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए हैं। कंपनी ने घोषणा करते हुए कहा है कि कुछ और सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन जल्द ही सूची में जोड़े जाने वाले हैं। टीपीडीडीएल दिल्ली सरकार और टाटा पॉवर के बीच संयुक्य उद्यम हैं जो दिल्ली के चिन्हित इलाकों में चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना का काम संभाल रही है।

ईवी चार्जिंग स्टेशन दोपहिया और तिपहिया सहित सभी खंडों के इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए उपलब्ध होंगे। टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन अगले कुछ महीनों में 50 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने के लिए उत्तरी दिल्ली नागरिक निकाय के साथ काम कर रही है।

टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निजी और सार्वजनिक ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे को स्थापित करने के लिए काम कर रहा है। एजेंसी ऐसे चार्जर और बैटरी स्वैप स्टेशन लगाने के लिए अपनी जमीन को लीज पर भी दे रही है। भूमि लीज मॉडल में सन मोबिलिटी के सहयोग से टीपीडीडीएल आजादपुर और रोहिणी आरजी-3 ग्रिड में दो बैटरी स्वैप स्टेशनों को तैनात किया गया है।

कंपनी ओपेक्स मॉडल पर भी काम कर रही है जहां वह निजी मालिकों को लीज के आधार पर ईवी चार्जर स्थापित करती है। इससे कंपनी को चार्जिंग यूनिट की स्थापना, संचालन और रखरखाव में मदद मिलेगी जबकि लीज राशि का भुगतान वास्तविक इकाई खपत के रूप में भूमि मालिक को किया जाएगा।

दिल्ली सरकार वाहनों के होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पिछले साल ईवी नीति की घोषणा की थी। इस साल सितंबर से नवंबर के बीच राज्य में बिकने वाले सभी वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी करीब नौ फीसदी रही।

दिल्ली सरकार का कहना है कि यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से कम से कम छह गुना अधिक है और पिछली तिमाही में दिल्ली में सीएनजी और डीजल वाहनों की बिक्री को पार कर गया है। पिछली तिमाही के दौरान दिल्ली में 7,820 डीजल वाहन और 2,688 सीएनजी वाहन बेचे गए। इस दौरान दिल्ली में पेट्रोल वाहनों की बिक्री 82,626 यूनिट रही।

बता दें कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन नीति के लागू होने के बाद ई-वाहनों की मांग में तेजी आई है। दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति की वजह से इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर ग्राहक भारी बचत कर रहे हैं। दिल्ली देश का पहला ऐसा शहर है जहां इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स पर पूरी तरह छूट दी जा रही है।

दिल्ली सरकार ने 2025 तक शहर में 25 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी का लक्ष्य रखा है। दिल्ली सरकार ने पिछले दो सालों में शहर में 201 चार्जिंग स्टेशन और 380 ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन का निर्माण करवाया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी शहर के मुकाबले अधिक है। इसके अलावा दिल्ली में 2022 के मध्य तक 600 और चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना है।

बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर बैटरी क्षमता के अनुसार सब्सिडी तय की गई है। योजना के तहत 1,000 इलेक्ट्रिक कारों पर 10,000 रुपये प्रति किलोवाटऑवर (kWh) की दर से सब्सिडी तय की गई है। दिल्ली में एक इलेक्ट्रिक कार पर अधिकतम 1.50 लाख रुपये की सब्सिडी का फायदा उठाया जा सकता है। वहीं, दोपहिया, तीनपहिया, फ्रीट और कूरियर इलेक्ट्रिक वाहनों पर अधिकतम 30,000 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।

दिल्ली में अब गाड़ी खरीदने वालों को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा और न ही आरटीओ के चक्कर लगाने होंगे। दिल्ली में वाहन डीलर अब अपने ग्राहकों को हाथों- हाथ गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर दे रहे हैं। दिल्ली में वाहन डीलरों ने ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मुहैया कराने की सुविधा शुरू की है।

वाहन की आरसी के लिए लोगों को आरटीओ आना पड़ता था और इस प्रक्रिया में कई दिन लग जाते थे। लेकिन अब नए सिस्टम के तहत गाड़ी खरीदने वालों को वाहन डीलर तुरंत आरसी सौप रहे हैं।


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