राजस्थान सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति को दिखाई हरी झंडी, जानें ई-वाहन की खरीद पर कितना मिलेगा लाभ
राजस्थान सरकार ने गुरुवार को राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लॉन्च कर दिया है। ईवी नीति का मुख्य लक्ष्य राज्य में बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में ई-वाहन नीति 5 साल तक लागू रहेगी।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2019-20 के बजट में ई-वाहन नीति को लाने की घोषणा की थी, जिसके ड्राफ्ट को 24 मई, 2022 को मंजूरी दी गई।

कितना मिलेगा लाभ?
ई-वाहन नीति के अंतर्गत राजस्थान सरकार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को एकमुश्त लाभ प्रदान करेगी। हालांकि, यह लाभ छूट के तौर पर मिलेगा या सब्सिडी के तौर पर, इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

राज्य सरकार ई-वाहन नीति के तहत लाभ देने के लिए दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 5,000 करोड़ रुपये से 10,000 करोड़ रुपये की राशि और तिपहिया वाहनों के लिए 10,000 करोड़ रुपये से 20,000 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन करेगी।

इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को कितना लाभ दिया जाएगा, इसका आकलन इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी क्षमता के अनुसार किया जाएगा। राजस्थान सरकार ने भुगतान के लंबित मामलों के निपटारे के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग को 40 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। ट्रांसपोर्ट विभाग के अनुसार, इस राशि में से 5 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग 3,000 ई-वाहन ग्राहकों को अनुदान देने के लिए किया जाएगा।

इलेक्ट्रिक कार पर नहीं मिलेगी सब्सिडी
हालांकि, अन्य राज्यों के विपरीत, राजस्थान सरकार इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों (कारों) और ई-बसों पर सब्सिडी नहीं देगी। रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए राजस्थान में अनुदान की राशि महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली की तुलना में कम है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में राजस्थान सरकार ने 12 क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट केंद्रों में पंजीकृत ई-वाहन खरीदारों को 18 करोड़ रुपये की राशि का अनुदान दिया था।

राजस्थान सरकार को उम्मीद है कि ई-वाहन नीति के लागू होने से इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें कम होंगी और बिक्री में इजाफा आएगा। सरकार के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्य में प्रदूषण को कम करने में ई-वाहन मुख्य भूमिका निभाएंगे। ई-वाहनों की बिक्री बढ़ने से पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री में कमी आएगी, जिससे प्रदूषण भी कम होगा और साथ में ईंधन के आयत पर होने वाला खर्च भी कम होगा।

इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में दो और तीन-पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है। कोविड-19 के कारण जहां एक ओर निजी वाहनों की मांग बढ़ी है, तो दूसरी ओर ईंधन की बेतहाशा बढ़ती कीमतों ने भी लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन का विकल्प चुनने के लिए प्रेरित किया।

दूसरी ओर, तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहन, फ्लीट ऑपरेटरों, ई-कॉमर्स एग्रीगेटर्स, लास्ट-माइल डिलीवरी सर्विस कंपनियों के लिए किफायती साबित हो रहे हैं। इन सभी कारणों से दोपहिया और तिपहिया सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में वृद्धि हुई है। राजस्थान सरकार का लक्ष्य इन दो खंडों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देना है।


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