अब राजस्थान में इन वाहनों पर लगा प्रतिबंध, 31 मार्च से चलाया तो होगा जब्त
दिल्ली के बाद अब राजस्थान सरकार भी वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। राजस्थान ट्रांसपोर्ट विभाग ने राज्य में 15 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत राज्य की राजधानी जयपुर समेत पांच जिलों में 15 साल से अधिक पुराने व्यावसायिक डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

विभाग द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार, 31 मार्च, 2022 से जयपुर, उदयपुर, कोटा, अलवर और जोधपुर में 15 साल से ज्यादा पुराने व्यावसायिक डीजल वाहन नहीं चलाए जा सकेंगे। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा डीजल से चलने वाले 15 साल पुराने व्यावसायिक वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी करने के बाद लिया गया है।

परिवहन विभाग के अनुसार अब जयपुर, अलवर, कोटा, उदयपुर और जोधपुर में पंजीकृत 15 वर्षीय व्यावसायिक वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। ऐसे वाहन धारकों को वाहन चलाने के लिए जिला परिवहन अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही संबंधित जिलों में पुराने व्यावसायिक वाहनों का संचालन किया जा सकेगा।

बता दें कि इससे पहले दिल्ली सरकार भी वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ऐसे ही कदम उठा चुकी है। दिल्ली में 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर प्रतिबंध लागू है। दिल्ली परिवहन विगभाग ने यह नियम नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर लागू किया है।

हालांकि, दिल्ली परिवहन विभाग ऐसे वाहनों को दिल्ली से बाहर चलाने के लिए एनओसी जारी कर रही है, जहां इस तरह के वाहनों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। बता दें कि केंद्र सरकार की वाहन कबाड़ नीति के तहत 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों को कबाड़ में देने का निर्देश दिया गया है।

अप्रैल 2022 से बढ़ेगा री-रजिस्ट्रेशन शुल्क
बता दें कि 1 अप्रैल 2022 से केंद्र सरकार 15 साल से ज्यादा पुराने निजी और वाणिज्यिक वाहनों पर री-रजिस्ट्रेशन के शुल्क को बढ़ाने जा रही है। अब 15 साल से जयदा पुराने वाहन के री-रजिस्ट्रेशन के लिए आठ गुना अधिक शुल्क का भुगतान करना होगा। हालांकि, इस नीति का दिल्ली के वाहन मालकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली एनसीआर में पहले से ही 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से जयदा पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर रोक है।

नए नियमों के अनुसार, 15 साल से ज्यादा पुराने दोपहिया वाहन का पंजीकरण शुल्क 300 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं 15 साल से ज्यादा पुरानी कार के लिए अब 5,000 रुपये का रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल शुल्क देना होगा। इसी तरह 15 साल से अधिक पुराने सार्वजनिक और वाणिज्यिक वाहनों, जैसे बस या ट्रक पंजीकरण नवीनीकरण शुल्क 10,000 रुपये से लेकर 12,500 रुपये के बीच तय किया गया है।

वहीं आयातित (इम्पोर्टेड) बाइक और कारों के लिए अब री-रजिस्ट्रेशन शुल्क अधिक महंगा होगा। ऐसे दोपहिया वाहनों के लिए 10,000 रुपये और चारपहिया वाहनों के 40,000 का नवीनीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।


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