24 राज्यों में पेट्रोल पंप डीलर आज नहीं खरीदेंगे तेल कंपनियों से ईंधन, क्या होगी पेट्रोल की किल्लत?
देश में हजारों पेट्रोल पंप डीलरों ने कमीशन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर पेट्रोलियम कंपनियों (ओएमसी) से ईंधन न खरीदने की चेतावनी दी है। देश भर में 24 राज्यों के लगभग 70,000 पेट्रोल पंप अपनी मांग को लेकर 31 मई (मंगलवार) को पेट्रोलियम कंपनियों से ईंधन नहीं खरीदेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल पंप डीलरों (Petrol Pump Dealers) के इस फैसले से ईंधन की रिटेल बिक्री पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि पेट्रोल पंप के पास लगभग 2 दिन के ईंधन का स्टॉक रहता है।

क्या है डीलरों की मांग?
पेट्रोल डीलर एसोसिएशन की शिकायत है कि पिछले कई महीनों से ईंधन की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी के बावजूद उनके कमीशन में कोई वृद्धि नहीं की गई है। पेट्रोलियम कंपनियों और डीलर एसोसिएशन के बीच एक हुए एक समझौते के अनुसार, डीलर मार्जिन को हर छह महीने में संशोधित किया जाना है। हालांकि, इसे 2017 के बाद से संशोधित नहीं किया गया है।

एसोसिएशन का कहना है कि 2017 के बाद से ईंधन की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं, इसलिए व्यवसाय में कार्यशील पूंजी भी दोगुनी हो गई है, जिससे ऋण और बैंक ब्याज का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। एसोसिएशन ने बताया कि ईंधन के वाष्पीकरण हानियों में आनुपातिक रूप से वृद्धि हुई है। साथ ही, पिछले 5 वर्षों के दौरान बैंक शुल्क, बिजली बिल, वेतन आदि जैसे अतिरिक्त खर्च कई गुना बढ़ गए हैं।

एसोसिएशन ने शिकायत करते हुए कहा कि डीलर कमीशन को संशोधित करने की उनकी निरंतर मांग को पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसा करके ओएमसी अपने नेटवर्क को आर्थिक रूप से अव्यवहारिक बना रही हैं।

ईंधन पर कितना है कमीशन?
वर्तमान में एक लीटर पेट्रोल पर डीलर कमीशन 2 रुपये 90 पैसे है, तो वहीं डीजल पर यह 1 रुपये 85 पैसे है। हालांकि, 2017 में कमीशन में लगभग 1 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी लेकिन पेट्रोलियम कंपनियां लाइसेंस शुल्क के नाम पर 40 पैसे प्रतिलीटर वसूल रही हैं।

तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, सिक्किम ऐसे राज्य हैं जहां पंप विरोध प्रदर्शन करेंगे और ईंधन की खरीद से परहेज करेंगे। उत्तर बंगाल डीलर्स एसोसिएशन और उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों के डीलरों ने भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की प्रतिबद्धता जताई है।

पेट्रोल पंप डीलरों ने पेट्रोल और डीजल पर अचानक से एक्साइज ड्यूटी घटाने के फैसले पर भी आपत्ति जताई है। पंप डीलरों का कहना है कि 2017 के बाद से तीन बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बगैर बदलाव किए एक्साइज ड्यूटी को बढ़ा दिया गया जिसका सीधा फायदा तेल कंपनियों को हुआ।

लेकिन दो मौकों पर सरकार ने पहले 4 नवंबर 2021 और अब 22 मई 2022 से अचानक पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का ऐलान कर दिया। सरकार के इस फैसले के चलते देश भर में पेट्रोल डीलरों को भारी नुकसान हुआ है।


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