नोएडा पुलिस ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर की ताबड़तोड कार्रवाई, काटे 5,000 चालान
नोएडा ट्रैफिक पुलिस यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों से अब सख्ती से पेश आ रही है। पिछले सप्ताह नोएडा पुलिस ने ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले 5,000 वाहनों का चालान काटा। यह चालान नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों पर लगाया गया।

बता दें कि, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रैफिक पुलिस को यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों से सख्ती से पेश आने के आदेश दिए हैं। बीते सप्ताह नोएडा पुलिस आयुक्त, अलोक सिंह के नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस ने उल्लंघनकर्ताओं की धर-पकड़ करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया। रविवार को पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा कि 27 मई तक 5,070 वाहनों पर ट्रैफिक नियम उल्लंघन करने के आरोप में कार्रवाई की गई है।

ट्रैफिक नियम उल्लंघन में मुख्य रूप से ओवरलोडिंग, गलत साइड में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट के ड्राइविंग, रेड लाइट जंपिंग, ध्वनि प्रदूषण आदि से संबंधित उल्लंघन शामिल थे। पुलिस ने अभियान चलाने के दौरान लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में शिक्षित भी किया। पुलिस ने वाहन चालकों को स्कूल व अस्पताल के नजदीक हॉर्न न बजाने, मोड़ पर स्पीड कम करने जैसे कई सावधानियों के बारे में जानकारी भी दी। पिछले सप्ताह के पहले गौतम बुद्ध नगर की ट्रैफिक पुलिस ने 3,600 वाहन पर ई-चालन जारी किए थे।

भारत उन देशों में शामिल है जहां सबसे सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें होती हैं। परिवहन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर साल लगभग 4.50 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें 1.50 लाख लोगों की मौतें होती हैं। यह आंकड़ा दुनिया भर में किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक है। भारत में अपंगता के लिए सड़क दुर्घटनाओं को मुख्य कारण बताया गया है।

सामने आये चौंकाने वाले आंकड़े
परिवहन मंत्रालय के अनुसार, साल 2020 के दौरान सड़क हादसों में कुल 1,20,806 लोगों की मौत हुई है। इन हादसों के अधिकतर शिकार उत्पादक वर्ग के युवा थे। रिपोर्ट के कहा गया कि सड़क दुर्घटनाओं के कुल मामलों में 43,412 (35.9%) हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुए, जबकि राज्य राजमार्गों पर 30,171 (25%) हादसे हुए। वहीं अन्य सड़कों पर 47,223 (39.1%) दुर्घटनाएं हुईं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन सड़क हादसों में मरने वालों में 18-45 आयु वर्ग के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। इस आयु वर्ग के लगभग 70 प्रतिशत लोगों ने 2020 के सड़क हादसों में अपनी जान गंवाई। वहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मरने वाले 18-60 वर्ष के लोगों में 87.4 प्रतिशत कामकाजी थे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सड़क हादसों में शामिल वाहन श्रेणियों में सबसे ज्यादा संख्या दोपहिया वाहनों की थी। जबकि कार, जीप और टैक्सी जैसे हल्के वाहन एक साथ दूसरे स्थान पर हैं। कुल मृत्यु में दोपहिया सवारों की हिस्सेदारी 2020 के दौरान सबसे ज्यादा (43.5%) रही। सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए 17.8 प्रतिशत लोग पैदल चलने वाले थे।

2020 के सड़क हादसों के रिपोर्ट में ओवरस्पीडिंग को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बताया गया। अधिक स्पीड में गाड़ी चलाने से 69.3% दुर्घटनाएं हुईं, वहीं सड़क के गलत साइड में ड्राइविंग करने के मामलों में 5.6% दुर्घटनाएं हुईं।


Click it and Unblock the Notifications








