बाइक में पीछे बैठते हैं तो लगा लें हेलमेट, नहीं तो कटेगा ₹500 का चालान; लाइसेंस भी होगा जब्त
मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने मोटरसाइकिल पर पीछे बैठने वालों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया है। नया नियम अगले 15 दिनों में लागू हो जाएगा। मुंबई पुलिस के अनुसार, इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर 500 रुपये के जुर्माने के साथ-साथ 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित भी किया जा सकता है। यातायात पुलिस ने पाया है कि दोपहिया वाहनों में पीछे बैठने वाले अधिकांश सवार हेलमेट का उपयोग नहीं करते हैं और यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं।

वर्तमान में, मुंबई यातायात पुलिस बिना हेलमेट वाले बाइक सवारों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाती है या उनके लाइसेंस निलंबित कर देती है। अब 15 दिनों के बाद बिना हेलमेट के पीछे बैठने वालों पर भी यही जुर्माना लगाया जाएगा।

हाल ही में सरकार ने ठीक से हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन सवारों को दंडित करने के लिए 1998 के मोटर वाहन अधिनियम में नए प्रावधानों को जोड़ा है। हेलमेट पर नए नियमों के तहत अब जुर्माने की राशि 2,000 रुपये तक हो गई है। जानकारी के अनुसार, यदि आपने हेलमेट पहना है लेकिन हेलमेट स्ट्रैप खुला हुआ है, तो आप पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

वहीं, अगर हेलमेट बीएसआई (भारतीय मानक ब्यूरो) प्रमाणित नहीं है तो आपको 1,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसके अलावा, अगर आप हेलमेट पहनने के बावजूद ट्रैफिक सिग्नल तोड़ते हैं या रेड लाइट जंप करते हैं तो आप पर 2,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

नकली हेलमेट की बिक्री पर लगी रोक
जानकारी के लिए बता दें कि जून, 2021 से केंद्र सरकार ने देश में बिना बीआईएस प्रमाणित हेलमेट के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगा दी है। अब बगैर बीआईएस प्रमाणित हेलमेट को बेचना दंडनीय अपराध है। नए नियम को 1 जून, 2021 से लागू कर दिया गया है।

अब गैर आईएसआई (ISI) मार्क वाले हेलमेट की बिक्री करने पर कम से कम 2 साल की जेल या 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह नियम गैर आईएसआई मार्क हेलमेट के निर्माता, आयातक और विक्रेता पर समान रूप से लागू होगा।

बीआईएस जारी करती है सेफ्टी मार्क
बता दें कि भारत में उत्पादों को आईएसआई सेफ्टी मार्क देने का काम ब्योरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स यानी बीआईएस करती है। यह एक सरकारी संगठन है जो उत्पादों के लिए सुरक्षा मानक निर्धारित करती है। बीआईएस के द्वारा निर्धारित किये गए स्टैंडर्ड के अनुसार सभी हेलमेट बनाने वाली कंपनियों को गुणवत्ता प्रमाण लेना पड़ता है।

देश में बिक रहे नकली हेलमेट के चलते बीआईएस ने देश की उच्च न्यायालय के समक्ष चिंता जताई थी कि सड़क दुर्घटनाओं की समय गैर आईएसआई मार्क वाले नकली हेलमेट दोपहिया चालक के सर की सुरक्षा नहीं कर पाते हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालकों की मौत की संख्या में इजाफा हो रहा है।


Click it and Unblock the Notifications








