भारत में बिना इंश्योरेंस के चल रहे हैं 50 फीसदी वाहन, IRDAI ने किया खुलासा
भारत में सड़क दुर्घटनाओं की तादाद दुनिया में किसी और देश की तुलना में सबसे अधिक है। देश में हर साल 4 लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं जिसमें करीब करीब 1.5 लाख लोग अपनी जान गवां देते हैं। इन आंकड़ों से यह साफ है कि देश में वाहन चालकों के बीच सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता की कमी है।

हाल ही में भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने खुलासा किया है कि देश में 50% वाहन बिना बीमा (इंश्योरेंस) के चल रहे हैं। यह भारत में ऑटोमोबाइल के लिए पर्याप्त बीमा कवर की अनुपलब्धता का प्रत्यक्ष संकेत है। हाल ही में 18वें बीमा शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया था जिसमें IRDAI ने बीमा छात्रों से देश के लिए 83% सुरक्षा अंतर को कवर करने के लिए तकनीक की मदद से नए तरीकों पर काम करने का अनुरोध किया।

आईआरडीएआई के अनुसार, ऑटोमोबाइल क्षेत्र में वार्षिक चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) पिछले 5 साल से 11 फीसदी की दर के बढ़ रहा है। लेकिन देश में हर व्यक्ति की बीमा करने के लिए उन्हें इसके वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा महत्व के बारे में बताना होगा।

नियामक संस्था वर्तमान में बीमा सुगम पर काम कर रही है, जिसे 'बीमा के लिए वन-स्टॉप शॉप' कहा जाता है। यह नियामक द्वारा अनुमोदित किया जाएगा और भारतीय बाजार में बेचे जाने वाले सभी बीमा उत्पादों के लिए एक साझा मंच के रूप में काम करेगा। यह उपयोगकर्ताओं को अनुबंध की सुरक्षा की चिंता किए बिना, डिजिटल रूप से बीमा पॉलिसियों को खरीदने में सक्षम बनाएगा।

इसके अलावा, यह मंच बीमा प्रदाताओं को बदलने या एक दूसरे से नीतियों को पोर्ट करने की अतिरिक्त कार्यक्षमता भी प्रदान करेगा। भविष्य में इसके बारे में और जानकारी सामने आने की संभावना है।

भारत में सड़क हादसों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। साल 2021 में देश में सड़क दुर्घटनाओं के कुल 4.22 मामले दर्ज किये गए। इन दुर्घटनाओं में 1.73 लाख लोगों की मौत हो गई। सड़क दुर्घटना में मौत के सबसे जयदा मामले उत्तरप्रदेश और तमिलनाडु से सामने आए। जहां उत्तरप्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 24,711 लोगों की मौत हुई, वहीं तमिलनाडु में यह संख्या 16,685 लोगों की थी।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की तजा रिपोर्ट में सड़क हादसों के लिए ओवरस्पीडिंग, ओवरटेकिंग और गलत साइड में ड्राइविंग को मुख्य कारण बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन सड़क हादसों में मरने वालों में 18-45 आयु वर्ग के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सड़क हादसों में शामिल वाहन श्रेणियों में सबसे ज्यादा संख्या दोपहिया और चारपहिया वाहनों की थी। जबकि ट्रक और लारी जैसे वाहनों की संख्या इनमें सबसे कम है। साल 2020 से तुलना में साल 2021 में सड़क दुर्घटनाओं में 18.8 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।


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