आईआईटी इंजीनियर ने बनाया गाड़ियों में प्रदूषण कम करने का उपकरण, जानिये कैसे करता है काम

कई भारतीय शहरों में वायु प्रदुषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। यह हालत सिर्फ भारत में ही नहीं दुनिया भर के कई शहरों में है। शहरों में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण वाहनों की बढ़ती संख्या है।

आईआईटी इंजीनियर ने बनाया गाड़ियों में प्रदूषण कम करने का उपकरण, जानिये कैसे करता है काम

आईआईटी खड़गपुर से ग्रेजुएट एक इंजीनियर ने वाहनों के कारण होने वाले प्रदूषण को रोकने में मदद करने के लिए एक उपकरण बनाया है। इस उपकरण को पीएम 2.5 का नाम दिया गया है।

आईआईटी इंजीनियर ने बनाया गाड़ियों में प्रदूषण कम करने का उपकरण, जानिये कैसे करता है काम

इस उपकरण को विकसित करने वाले इंजीनियर का नाम देबयान साहा बताया जा रहा है जो कि स्टैनफोर्ड विश्विद्यालय में ग्लोबल बायोडिजाइन पर शोध कर रहे हैं। इस उपकरण को गाड़ी के एक्सॉस्ट पर लगाया जा सकता है।

आईआईटी इंजीनियर ने बनाया गाड़ियों में प्रदूषण कम करने का उपकरण, जानिये कैसे करता है काम

यह दावा किया जा रहा है कि अगर एक कार में यह उपकरण फिट कर दिया जाए तो यह अपने आसपास के 10 कारों से निकलने वाले प्रदूषण को खत्म कर सकती है।

आईआईटी इंजीनियर ने बनाया गाड़ियों में प्रदूषण कम करने का उपकरण, जानिये कैसे करता है काम

बताया जा रहा है कि इस उपकरण को ऐसे बनाया गया है जिससे यह सूक्ष्म कण 2.5 को खत्म कर देगी। इस उपकरण में विद्युत् ऊर्जा और तरंग ऊर्जा के प्रयोग से चुंबकीय वातावरण विकसित किया जाएगा। जिससे अति सूक्ष्म कण आपस में जुड़ कर एक भारी कण बनाएंगे जो मिट्टी के कणों के जैसे जमीन पर गिर जाएंगे।

आईआईटी इंजीनियर ने बनाया गाड़ियों में प्रदूषण कम करने का उपकरण, जानिये कैसे करता है काम

अब सड़क पर एक कार अपने तत्काल वातावरण में प्रदूषण को कम कर सकती है, और संभवतः आसपास के क्षेत्र में 10 कारों से निकलने वाले प्रदूषण को बेअसर कर सकती है।

आईआईटी इंजीनियर ने बनाया गाड़ियों में प्रदूषण कम करने का उपकरण, जानिये कैसे करता है काम

शोध में पता चला है कि वायु प्रदूषण की समस्या की जड़ 2.5 कण का अति सूक्ष्म होना है। छोटे आकर के कारण यह कण हमारे फेफड़ों से होते हुए रक्त की नाड़ियों में प्रवेश कर जाते हैं।

आईआईटी इंजीनियर ने बनाया गाड़ियों में प्रदूषण कम करने का उपकरण, जानिये कैसे करता है काम

साहा इस उत्पाद का व्यवसायीकरण करने की योजना बना रहे हैं और वर्तमान में विभिन्न संगठनों के साथ बातचीत कर रहे हैं। हाल के शोध में पता चला है कि वायु प्रदूषण लोगों में स्मरण शक्ति को कमजोर कर देता है और मस्तिष्क को 10 साल तक बूढ़ा बना सकता है।

आईआईटी इंजीनियर ने बनाया गाड़ियों में प्रदूषण कम करने का उपकरण, जानिये कैसे करता है काम

प्रमुख शोधकर्ताओं में से एक ने कहा है कि जब शब्दों की एक लड़ी को याद करने की बात आती है, तो 50 साल का एक व्यक्ति 60 साल के व्यक्ति की तरह प्रदर्शन करता है।

आईआईटी इंजीनियर ने बनाया गाड़ियों में प्रदूषण कम करने का उपकरण, जानिये कैसे करता है काम

हाल ही में, दिल्ली की वायु गुणवत्ता काफी कम हो गई थी। यहां तक ​​कि केंद्र शासित सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को मॉर्निंग वॉक और अन्य बाहरी गतिविधियों से बचने की सलाह दी थी। प्रदूषण के स्तर में वृद्धि ने लोगों में सांस और आंखों में जलन की समस्या को काफी हद तक बढ़ा दिया है।

आईआईटी इंजीनियर ने बनाया गाड़ियों में प्रदूषण कम करने का उपकरण, जानिये कैसे करता है काम

ड्राइवस्पार्क के विचार

भारत के कई शहरों में प्रदूषण जानलेवा स्तर पर पहुंच चुका है। दिल्ली, कानपूर फरीदाबाद जैसे शहरों में सूक्ष्म कण 2.5 का स्तर खतरे से कहीं उपर चला जाता है। कई बार सूक्ष्म कणों का स्तर 300-500 तक पहुंच जाता है जिससे खांसी, सांस लेने में तकलीफ और कैंसर होने के खतरे काफी बढ़ जाते हैं।

Source: Indiatimes

More from Drivespark

Article Published On: Monday, October 21, 2019, 17:33 [IST]
English summary
Indian Engineer builds device for vehicle exhaust to reduce air pollution. Read in Hindi.
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+