फरवरी 2022 में बढ़ी वाहनों की बिक्री, रूस-यूक्रेन युद्ध से सेमीकंडक्टर का संकट गहराया

कोरोना महामारी के प्रभाव से उबर रहे वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए अब रूस और यूक्रेन युद्ध ने नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। जानकारों की मानें तो पहले से ही चिप की कमी से जूझ रहे ऑटोमोबाइल बाजार पर आपूर्ति का संकट बढ़ सकता है। हालांकि, इससे अलग भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में पिछले महीने वाहनों की अच्छी मांग देखी गई।

फरवरी 2022 में बढ़ी वाहनों की बिक्री, रूस-यूक्रेन युद्ध से सेमीकंडक्टर का संकट गहराया

यूक्रेन और रूस दोनों वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रूस पैलेडियम जैसी दुर्लभ धातुओं का सबसे बड़ा उत्पादक और प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। इसके अलावा रूस मेमोरी और सेंसर चिप्स में इस्तेमाल होने वाले कई अन्य दुर्लभ-पृथ्वी धातुओं का भी उत्पादन करता है।

फरवरी 2022 में बढ़ी वाहनों की बिक्री, रूस-यूक्रेन युद्ध से सेमीकंडक्टर का संकट गहराया

दूसरी ओर, यूक्रेन नियॉन गैस का एक प्रमुख उत्पादक और निर्यातक है, जिसका उपयोग सेमीकंडक्टर्स के निर्माण में कई प्रक्रियाओं के लिए किया जाता है। ऑटोमोटिव उद्योग में मुख्य रूप से यात्री वाहन और पिक-अप सेगमेंट के प्रमुख कंपोनेंट के रूप में सेमीकंडक्टर की आपूर्ति पर निर्भर है।

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इसके अलावा, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई उपभोक्ता उपकरण, सेमीकंडक्टर्स पर पूरी तरह निर्भर हैं। कोरोना महामारी के कारण पिछले 12 महीनों में इनसे संबंधित आपूर्ति श्रृंखला मुद्दों के कारण ऑटो-ग्रेड सेमीकंडक्टर्स में भारी कमी देखी गई है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, चीन नियॉन गैस का अगला सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है लेकिन इतने भू-राजनीतिक तनाव के साथ चीन से भी आपूर्ति संबंधी बाधाएं आ सकती हैं। यदि भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो वे सेमीकंडक्टर उद्योग पर संभावित प्रभाव डाल सकते हैं जो पहले से ही संघर्ष कर रहा है।

फरवरी 2022 में बढ़ी वाहनों की बिक्री, रूस-यूक्रेन युद्ध से सेमीकंडक्टर का संकट गहराया

मूडीज एनालिटिक्स रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संकट में अर्धचालकों की आपूर्ति श्रृंखला में तनाव को बढ़ाने की क्षमता है जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ऑटो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर्स की कमी कर सकता है।

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इसी बीच भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में उपभोगता मांग में सुधार के संकेत मिले हैं और फरवरी 2022 में बिक्री बेहतर हुई है। भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां आशावादी हैं कि नए वित्तीय वर्ष में प्रवेश के साथ सेमीकंडक्टर उपलब्धता में सुधार होगा और वे ग्राहकों की मांग को पूरा करने में सक्षम होंगे।

फरवरी 2022 में बढ़ी वाहनों की बिक्री, रूस-यूक्रेन युद्ध से सेमीकंडक्टर का संकट गहराया

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता, मारुति सुजुकी ने फरवरी 2022 में कुल थोक बिक्री में मामूली गिरावट के साथ 1,64,056 यूनिट कारों की बिक्री दर्ज की है, जिसमें 1,37,607 यूनिट की घरेलू बिक्री, 2,428 यूनिट के अन्य ओईएम को बिक्री और 24,021 यूनिट का उच्चतम मासिक निर्यात शामिल है। कंपनी ने फरवरी 2021 में 1,64,469 यूनिट्स की बिक्री की थी। मारुति सुजुकी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कमी का घरेलू बाजार में मुख्य रूप से बेचे जाने वाले वाहनों के उत्पादन पर मामूली प्रभाव पड़ा। कंपनी ने प्रभाव को कम करने के लिए सभी संभव उपाय कर रही है।

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टाटा मोटर्स ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में फरवरी 2022 में कुल 77,733 यूनिट की बिक्री दर्ज की, जबकि फरवरी 2021 के दौरान यह 61,258 यूनिट थी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने फरवरी 2022 में कुल 8,745 यूनिट बेचीं। यह जनवरी 2022 की बिक्री की तुलना में 19 प्रतिशत की वृद्धि है।

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Article Published On: Thursday, March 3, 2022, 10:38 [IST]
English summary
Indian automobile sales robust in february amid russia ukraine crisis details
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