करवाना चाहते हैं वाहन का रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर? जानें आसान चरणों में पूरी प्रक्रिया
अगर आप पुरानी कार खरीदते हैं या अपनी पुरानी कार बेचते हैं तो आपको रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर करवाने की जरूरत पड़ती है। हर राज्य में वाहन का रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर करवाने के अपने नियम और कानून हैं लेकिन मूल प्रक्रिया लगभग एक जैसी है। यहां हम आपको बताएंगे की आप वाहन के रजिस्ट्रेशन को कैसे ट्रांसफर करवा सकते हैं (How To Transfer Vehicle Registration) और इस प्रक्रिया में आपको शुल्क के साथ किन नियमों व शर्तों को पालन करना होगा, आइये जानते हैं।

समान आरटीओ में ट्रांसफर
अगर एक ही आरटीओ के दायरे में किसी भी वाहन को खरीदा या बेचा जा रहा है तो विक्रेता और खरीदार को फॉर्म 29 और फॉर्म 30 पर हस्ताक्षर करने होंगे और इन्हें आरटीओ में जमा करना होगा। यदि वाहन हाइपोथिकेशन लंबित है, तो बैंक से प्राप्त एनओसी के साथ फॉर्म 35 भी जमा करना होगा।

समान राज्य में दो आरटीओ के बीच ट्रांसफर
अगर वाहन के ओनरशिप का ट्रांसफर एक ही राज्य के भीतर दो आरटीओ के बीच किया जा रहा है, तो ऐसे में विक्रेता और खरीदार को फॉर्म 28, फॉर्म 29 और फॉर्म 30 पर हस्ताक्षर करना होगा। इसके बाद एनओसी को सुरक्षित करने के लिए विक्रेता के स्थानीय आरटीओ में जमा करना होगा। रजिस्ट्रेशन के हस्तांतरण के लिए इस एनओसी को फॉर्म 29 और फॉर्म 30 के साथ खरीदार के आरटीओ में जमा करना होगा। यदि वाहन का हाइपोथिकेशन लंबित है, तो ऐसे में बैंक से प्राप्त एनओसी के साथ फॉर्म 35 भी जमा करना होगा।

दो राज्यों के बीच ट्रांसफर
यदी वाहन के रजिस्ट्रेशन का ट्रांसफर एक राज्य से दूसरे राज्य में किया जा रहा है तब विक्रेता और खरीदार दोनों को फॉर्म 28, फॉर्म 29 और फॉर्म 30 पर हस्ताक्षर करना होगा और उन्हें एनओसी हासिल करने के लिए विक्रेता के आरटीओ में जमा करना होगा। रजिस्ट्रेशन के ट्रांसफर के लिए इस एनओसी को फॉर्म 29 और फॉर्म 30 के साथ खरीदार के आरटीओ में जमा करना होगा। वाहन को खरीदार के राज्य में रजिस्टर करने से पहले आरटीओ को रोड टैक्स का भुगतान करना होगा। यदि वाहन हाइपोथिकेशन लंबित है, तो बैंक से प्राप्त एनओसी के साथ फॉर्म 35 भी जमा करना होगा।

भरने पड़ेंगे ये फॉर्म
वाहन रजिस्ट्रेशन को ट्रांसफर करवाने की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए आपको ये फॉर्म भरने पड़ेंगे:
फॉर्म 28 - स्वामित्व के हस्तांतरण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए आवेदन
फॉर्म 29 - स्वामित्व के हस्तांतरण की सूचना
फॉर्म 30 - स्वामित्व की सूचना और हस्तांतरण के लिए आवेदन
फॉर्म 35 - हाइपोथिकेशन के समझौते की समाप्ति की सूचना (उन वाहनों के लिए जिन्हें ऋण के साथ खरीदा गया था)

वाहन से जुड़े इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
- मूल पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी)
- पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (पीयूसी) कॉपी
- वैध वाहन इंश्योरेंस की कॉपी
- कागज की एक पर्ची पर पेंसिल से बनाई गई चेसिस नंबर और इंजन नंबर की छाप
- ग्रीन टैक्स सर्टिफिकेट (15 साल से पुराने वाहनों के लिए)
- विक्रेता को पैन कार्ड की एक कॉपी की जरूरत पड़ेगी
- पैन कार्ड की कॉपी
- एड्रेस प्रूफ (बिजली, टेलीफोन, पानी, गैस बिल, आधार कार्ड, या कोई अन्य केवाईसी दस्तावेज जिस पर स्थायी पता हो)
- जन्म तिथि का प्रमाण (उस पर जन्म तिथि के साथ कोई अन्य केवाईसी दस्तावेज)
- पासपोर्ट साइज फोटो

खरीदार के पास होने चाहिए ये दस्तावेज

कैसे लें हाइपोथिकेशन क्लीयरेंस
हाइपोथिकेशन वह प्रक्रिया है जब आप वाहन खरीदने के लिए बैंक से लोन लेते हैं और अपना वाहन गिरवी रखते हैं, जिसमें बैंक वाहन को कोलैटरल संपत्ति के रूप में स्वीकार करता है। तकनीकी रूप से, अगर आपने गाड़ी लोन पर खरीदी है तो वाहन भौतिक रूप से आपके पास रहता है लेकिन उसपर कब्जा बैंक का होता है।

आप बैंक को पूरा कर्ज चुकाने के बाद ही वाहन के पंजीकरण से हाइपोथिकेशन को हटा सकते हैं। सभी ईएमआई का भुगतान करने के बाद, आप अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए आवेदन कर सकते हैं जिसमें सभी किस्तें पूरी करने के बाद बैंक आपको बकाया मुक्त कर देती है। बैंक आपको यह एनओसी डाक से भेज सकती है। इस एनओसी की प्रति आरटीओ को जमा करनी होगी, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होगी।


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