पब्लिक ट्रांस्पोर्ट को इलेक्ट्रिक में बदलने की बढ़ी योजना, सरकार 80 हजार करोड़ में खरीदेगी 50,000 ई-बसें
केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित एजेंसी कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (CESL) 50,000 इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने की तैयारी कर रही है। इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने की इस परियोजना की कुल लागत 80,000 करोड़ रुपये तय की गई है। सार्वजनिक परिवहन को उत्सर्जन मुक्त बनाने एक लिए यह केंद्र सरकार के द्वारा उठाया गया एक बड़ा कदम मन जा रहा है।

आपको बता दें कि भारत में 2070 में शून्य उत्सर्जन को हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और बिक्री को बढ़ावा देने के लिए नई-नई नीतियां लागू की जा रही हैं। सीईएसएल बसों की खरीद के लिए जल्द ही एक टेंडर जारी करेगी।

सीईएसएल का कहना है कि इस टेंडर के द्वारा इलेक्ट्रिक बसों की खरीद में स्थानीय निर्माताओं को अहमियत दी जाएगी। इससे भारत में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। जानकारों का मानना है कि देश के बड़े शहरों में अगले 5-6 साल में सभी बसें इलेक्ट्रिक हो जाएंगी। इससे वायु प्रदूषण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण का काम भी तेजी से हो पाएगा।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, सूरत और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में ट्रांसपोर्ट निगमों द्वारा चलाए जाने वाले सभी सार्वजनिक बसों को पूरी तरह इलेक्ट्रिक में बदलने की योजना है। इन शहरों में 5,450 ई-बसों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सीईएसएल की मानें तो, 2030 तक देश के 25 राज्यों में 50,000 इलेक्ट्रिक बसों को उतारने की योजना है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सीईएसएल से 25 राज्यों में 30,000 पुरानी बसों को स्क्रैप करने के लिए एक कार्यक्रम तैयार करने का अनुरोध किया है। यह ई-बसों की खरीद के लिए दुनिया का सबसे बड़ा टेंडर होने वाला है।

देश में तेजी से बढ़ रही है इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है और इसके लिए चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क का भी विकास किया जा रहा है। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल के अनुसार, देश में 13 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण किया जा चुका है। वहीं देश के अलग-अलग राज्यों में 2,500 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन परिचालन मे हैं।

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तीन गुना इजाफा हुआ है। आंकड़ों को देखें तो, वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 4,29,217 यूनिट्स हुई थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान यह बिक्री 1,34,821 यूनिट्स की थी। वहीं वित्तीय वर्ष 2019-20 में कुल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 1,68,300 यूनिट्स थी।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष के दौरान इलेक्ट्रिक कारों की खुदरा बिक्री 17,802 यूनिट थी, जो वित्त वर्ष 2020-2021 में हुई 4,984 यूनिट की बिक्री से तीन गुना अधिक थी। पिछले वित्त वर्ष में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 2,31,338 यूनिट रही, जो वित्तीय वर्ष 2020-21 में बेची गई 41,046 यूनिट की तुलना में पांच गुना अधिक है।


Click it and Unblock the Notifications








