TIPS : इन बातों का रखें ख्याल, बेस्ट कार मिलने की गारंटी!
कार खरीदने से पहले लोग हमेशा गलती करते हैं। वह बिना सोचे विचारे ही कार खरीद लेते हैं। उपभोक्ता अक्सर दूसरे लोगों की बातों पर यकीन कर कार खरीद लेते हैं। कार खरीदने से पहले हमें अपनी जरूरतों और बजट का खास ख्याल रखना चाहिए। आइए जानते हैं कि कार खरीदते वक्त हमें किन बातों का रखना चाहिए खास ख्याल -

पहले हमें कार अपने बजट को देखते हुए खरीदनी चाहिए। अक्सर लोग स्टाइल और मुंह सुनी बातों में आकर अपने बजट से उपर चले जाते हैं। जिन्हें बाद में अपनी गलती का एहसास होता है। सबसे पहले तो तय करें कि आप आसानी से कितना खर्च कर सकते हैं। अगर आप हैचबैक कार लेने की सोच रहे हैं तो आपको समझना होगा कि हैचबैक कारों के मॉडल में 20-30 हजार का अंतर आ जाता है।

कार खरीदने से पहले सेल्समैन से इस पर बिना हिचक चर्चा करें। हर मॉडल और उसके फीचर के बारे में विस्तार से जानें और उनके बीच का फर्क समझें। इसके बाद अपनी जरूरत के फीचर को देखते हुए कार का चुनाव करें। इस बात को लेकर सतर्क रहें कि आप अपने बजट से कितना उपर जा रहे हैं और कौन से फीचर ही भविष्य में मदद करेंगे और कौन से बेकार रहेंगे।

कार खरीदने से पूर्व ये तय कर लें कि आपकी जरूरत किस साइज की कार पूरी कर सकती है। अगर आपका परिवार छोटा है और आप शहर के मकसद से कार खरीदना चाहते हैं तो हैचबैक एक बेहतर विकल्प है। अगर सैर-सपाटे के मकसद से कार खरीदना चाहते हैं तो एसयूवी की जगह सैलून सेगमेंट तरजीह दें। सैलून और एसयूवी सेगमेंट की कीमत अन्य सेगमेंट की तुलना में ज्यादा महंगी होती है।

अगर परिवार बड़ा है और सैर-सपाटे के शौकीन हैं तो एमयूवी सेगमेंट की कार आपके लिए बढ़िया रहेंगी। इसमें आप ज्यादा लोगों के साथ ज्यादा सामान भी ले जा सकते हैं।आप अगर एक स्पोर्टी लुक की बड़ी कार की तलाश में हैं तो एसयूवी गाड़ियां आपके लिए हैं। ये गाड़ियां आफ रोड भी बढ़िया परफॉर्मेंस देती हैं। यह गाड़ियां आरामदायक और लंबे सफर के लिए बढ़िया हैं।

माइलेज कार खरीदने के दौरान एक जरूरी वजह होती है। आज के समय में एक कार कई इंजन में उपलब्ध होती है। जैसे वॉक्सवैगन पोलो दो अलग इंजन 1.2 और 1.6 लीटर में मौजूद है। बेहतर कार माइलेज को देखते हुए 1.2, 1.6 लीटर की तुलना में ज्यादा बढ़िया विकल्प है।

वहीं डीजल इंजन, पेट्रोल की तुलना में ज्यादा किफायती होता है। लेकिन डीजल इंजन लेना तब ज्यादा कारगर होता है जब आप करीब 100 किमी का सफर तय करते हों। अक्सर लोग डीजल इंजन कार को किफायत के कारण खरीद लेते हैं जबकि वह रोज कम सफर करते हैं। इसलिए कार की माइलेज और सफर के आधार पर खरीदना चाहिए।

कार खरीदने से पहले उपभोक्ताओं को मेंटिनेंस का ध्यान रखना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि कार को खरीदना आसान है लेकिन मेंटेन करना कठिन होता है। पुरानी कार अक्सर नई कारों की अपेक्षा ज्यादा सस्ती साबित होती हैं। क्योंकि पुरानी लॉन्च गाड़ियों के पार्ट्स आसानी से कम दामों पर उपलब्ध हो जाते हैं। उदाहरण के लिए मारुति की अल्टो को, आईटेन की तुलना में मेंटेन करना ज्यादा आसान है।

कार का चुनाव करने से पहले कंपनी द्वारा दी जा रही फ्री मेंटिनेंस स्कीमों को भी ध्यान में रखना चाहिए। कई कंपनियां फ्री सर्विसिंग जैसी स्कीम चलाती है। जो आमतौर पर ज्यादा किफायती साबित होती है।

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