इलेक्ट्रिक वाहनों की चल रही है जबरदस्त बिक्री, 6 साल में बिक गए 20 लाख ई-वाहन, इन कंपनियों का है दबदबा
Electric Vehicle Sales: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में पिछले कुछ सालों में भारी इजाफा हुआ है। साल 2022 में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 1 लाख यूनिट को पार कर गई। इसके साथ, पिछले साल ई-वाहनों की बिक्री में 200% का भारी उछाल देखा गया।
हालांकि, देश में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार किस रफ्तार से प्रगति कर रहा है, इसकी जानकारी केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने दी। मंत्री आरके सिंह ने लोकसभा में अपने भाषण में कहा कि पिछले छह सालों में देश में 20,40,624 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हुआ है। यह आंकड़ा 31 जनवरी 2023 तक के पंजीकरण का है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में सबसे बड़ा योगदान तिनपहिया और दोपहिया वाहनों का है। 2018 में तिनपहिया वाहनों की बिक्री 1.08 लाख यूनिट से बढ़कर 2022 में 3.38 लाख यूनिट हो गई। वहीं दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 2018 में 16,943 यूनिट्स से बढ़कर 2022 में 6.28 यूनिट हो गई। साल 2023 में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री के सभी पुराने रिकॉर्ड टूटने वाले हैं। इस साल के पहले महीने ही इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 57,000 यूनिट्स को पार कर गई है।
देश में ई-वाहनों की बिक्री करने वाली बड़ी कंपनियों की बात की जाए तो, टाटा मोटर्स और ओला इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में सबसे अधिक है। ओला इलेक्ट्रिक देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता है। वहीं इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार सेगमेंट में टाटा मोटर्स का दबदबा है। इलेक्ट्रिक कार बाजार में टाटा मोटर्स की हिस्सेदारी 90% से भी अधिक है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती बिक्री को देखते हुए, केंद्र सरकार ने 2030 तक देश के बड़े शहरों में 46,000 से ज्यादा पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों (पीसीएस) के निर्माण की योजना तैयार की है।
बता दें कि केंद्रीय बजट 2023 में सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों को कम करने की घोषणा की है। इसके अलावा ग्रीन मोबिलिटी, हाइब्रिड वाहन और राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन के संबंध में सरकार ने कुछ नए फैसले लिए हैं। बजट में नेट जीरो और एनर्जी ट्रांजीशन की योजनाओं के प्रति सरकार ने गंभीरता दिखते हुए 35,000 करोड़ रुपये की योजना राशि निर्धारित की है।

इस योजना के तहत सरकारी दफ्तरों से पुराने वाहनों को हटाकर नए वाहनों को उतारा जाएगा। इसमें पुलिस वाहन, एम्बुलेंस और कई अन्य तरह के वाहन शामिल हैं। बजट 2023 की प्रस्तावना में वाहन स्क्रैपेज नीति (Vehicle Scrappage Policy) के लिए भी पर्याप्त राशि निर्धारित करने की घोषणा की गई है।


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