लद्दाख में लागू हुई इलेक्ट्रिक वाहन नीति, ई-वाहन खरीदने पर कितनी मिलेगी इतनी सब्सिडी? जानें पूरी डिटेल
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बनाई जा रही नीतियों से ई-वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी हो रही है। जहां केंद्रीय स्तर पर ई-वाहन ग्राहकों को फेम-2 सब्सिडी स्कीम का फायदा मिल रहा है, वहीं कई राज्य सरकारों ने भी अपने यहां इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लागू किया है जिसके तहत ई-वाहनों की खरीद-बिक्री को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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हाल ही में केंद्र शाषित प्रदेश लद्दाख में भी इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लागू किया गया है। लद्दाख प्रशासन ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी देने का भी ऐलान किया है। लद्दाख में इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लागू करने का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, हरित और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के विकास पर ध्यान केंद्रित करना है।

ई-वाहनों पर मिलेगी 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी
लद्दाख इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत प्रदेश में दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को वाहन की कीमत का 10 प्रतिशत सब्सिडी दिया जाएगा। वहीं इलेक्ट्रिक बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों की खरीद पर 25 प्रतिशत की सब्सिडी की जाएगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स से छूट देने का फैसला किया है। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने के लिए प्रशासन ने दोपहिया, कारों और बसों के लिए वाणिज्यिक सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों को सब्सिडी देने की पेशकश की है।

जानकारी के अनुसार, इस नीति के तहत पहले 15 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों को उपकरण/मशीनरी पर 25 प्रतिशत की पूंजीगत सब्सिडी या 5 लाख रुपये प्रति स्टेशन पूंजीगत सब्सिडी (जो भी कम हो) दी जाएगी। वाणिज्यिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों से घरेलू दरों पर विद्युत शुल्क लिया जाएगा।

अन्य भारतीय राज्यों की तरह, लद्दाख के पारस्परिक रूप से लाभकारी ईवी नीतियों को पेश करने का प्रयास इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की मांग में तेजी लाने के लिए बाध्य है।

हिमालयी क्षेत्र भारत के 13 राज्यों में फैला हुआ है, जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 40 प्रतिशत है। इनमें से छह राज्य पहले ही ईवी नीतियां लेकर आ चुके हैं। शेष राज्यों ने पहले ही ई-वाहन नीतियों को मंजूरी दे दी है। इलेक्ट्रिक वाहनों अपनाने के लिए राष्ट्र एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और हम खुद को आश्वस्त कर सकते हैं कि बदलाव बेहतर के लिए है।

देश में अगले कुछ सालों में इलेक्ट्रिक वाहनों की जबरदस्त बिक्री का अनुमान लगाया जा रहा है। भारत में 250 से ज्यादा स्टार्टअप और अन्य कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों पर काम कर रही हैं। इनमें से कई कंपनियों ने बाजार में अच्छे इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च किये हैं जिन्हें काफी अधिक संख्या में ग्राहकों ने बुक किया है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ी
भारत में फिलहाल 14 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। इनकी संख्या दिसंबर 2022 तक 35-40 लाख तक होने की उम्मीद है। इसी रफ्तार में यह संख्या अगले 2 साल में 3 करोड़ तक पहुंच सकती है।

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तीन गुना इजाफा हुआ है। आंकड़ों को देखें तो, वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 4,29,217 यूनिट्स की हुई, जबकि वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान यह बिक्री 1,34,821 यूनिट्स थी। वहीं वित्तीय वर्ष 2019-20 में कुल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 1,68,300 यूनिट्स थी।


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