ट्रैफिक नियमों में सख्ती के बावजूद नहीं हो रहा सुधार, दिल्ली में पिछले साल 4 लाख कारों के कटे चालान
ट्रैफिक नियमों के सुधार और सख्ती के बावजूद भी नियम तोड़ने वालों पर इसका ज्यादा असर होता नहीं दिख रहा है। बात करें दिल्ली की, तो यहां 2021 में विभिन्न तरह के ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर 4 लाख कार और 5 लाख दोपहिया वाहनों के चालान काटे गए हैं। ट्रैफिक नियम उल्लंघन के ज्यादातर मामले गलत पार्किंग, खतरनाक ड्राइविंग और नशे में गाड़ी चलाने से संबंधित है। बुधवार को दिल्ली यातायात पुलिस ने एक रिपोर्ट जारी कर इन आंकड़ों का खुलासा किया।

ट्रैफिक नियमों की हो रही भारी अनदेखी
'दिल्ली रोड क्रैश फैटलिटीज रिपोर्ट 2021' में कहा गया है कि अपराध-वार-वाहन श्रेणी के तहत गलत पार्किंग के लिए 1,44,734 कारों और 1,54,506 मोटरसाइकिलों और स्कूटरों पर जुर्माना लगाया गया। वहीं 10,696 कारों और 11,373 बाइक या स्कूटर पर 'खतरनाक ड्राइविंग' श्रेणी के तहत मुकदमा चलाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2021 में कुल 3,96,028 कारों और 5,16,018 मोटरसाइकिलों और स्कूटरों पर विभिन्न अपराधों के लिए मुकदमा चलाया गया।

पुलिस ने सूचित किये अपराध के प्रकार
दिल्ली पुलिस ने अपराध-वार वाहन श्रेणी में कुल 48 प्रकार के अपराधों को सूचीबद्ध किया है, जिसके लिए उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की गई थी। रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि विभिन्न अपराधों के लिए वर्ष 2021 में 1,05,318 हल्के माल वाहनों (LGV) का भी चालान किया गया था।

कार और दोपहिया वाहनों के अलावा पुलिस ने वर्ष 2021 में 76 स्कूल बस और 97 स्कूल कैब पर गलत पार्किंग, खतरनाक ड्राइविंग और परमिट उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया था। इसी क्रम में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पीछे साल 1,995 डीटीसी बसों पर अनुचित पार्किंग, खतरनाक ड्राइविंग और लेन नियम उल्लंघन करने के अपराध में कार्रवाई की थी। पिछले साल दिल्ली पुलिस ने कुल 59,233 टैक्सियों का भी चालान कटा था।

सीट बेल्ट न पहनने पर भी कटे चालान
पीटीआई के अनुसार, इस महीने की शुरूआत में, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सीट बेल्ट न पहनने के अपराध में 17 लोगों पर चालान कर चुकी है। पुलिस ने बाराखंभा रोड रोड से सेंट्रल दिल्ली के कनाॅट प्लेस तक चेकिंग अभियान चलाया था। ड्राइविंग करते समय सीट बेल्ट न पहनने के अपराध पुलिस ने मोटर वाहन कानून के अनुसार प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया था।

सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के अनुसार, साल 2020 के दौरान सड़क हादसों (Road Accident) में कुल 1,20,806 लोगों की मौत हुई थी। इन हादसों के अधिकतर शिकार युवा थे। रिपोर्ट के कहा गया कि सड़क दुर्घटनाओं के कुल मामलों में 43,412 (35.9%) हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुए, जबकि राज्य राजमार्गों पर 30,171 (25%) हादसे हुए। वहीं अन्य सड़कों पर 47,223 (39.1%) दुर्घटनाएं हुईं।

सड़क हादसों में मरने वालों में 18-45 आयु वर्ग के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। इस आयु वर्ग के लगभग 70 प्रतिशत लोगों ने 2020 के सड़क हादसों में अपनी जान गंवाई। वहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मरने वाले 18-60 वर्ष के लोगों में 87.4 प्रतिशत कामकाजी थे।

2020 के सड़क हादसों के रिपोर्ट में ओवरस्पीडिंग को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बताया गया। अधिक स्पीड में गाड़ी चलाने से 69.3% दुर्घटनाएं हुईं, वहीं सड़क के गलत साइड में ड्राइविंग करने के मामलों में 5.6% दुर्घटनाएं हुईं। सड़क के प्रकार के मामले में, 65% दुर्घटनाएं सीधी सड़कों पर हुईं, वहीं घुमावदार सड़कों, गड्ढों और सड़कों पर अवैध निर्माण के वजह से 15.2% हादसे हुए।


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