बीपीसीएल ने शुरू किया देश का पहला ई-वाहन फ्रेंडली हाईवे स्ट्रेच, 10 फास्ट चार्जिंग स्टेशन होंगे उपलब्ध
(India's First EV Friendly Highway): भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने चेन्नई-त्रिची-मदुरै के 900 किलोमीटर राजमार्ग पर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए फास्ट-चार्जिंग कॉरिडोर को शुरू किया है। हाईवे के इस स्ट्रेच पर बीपीसीएल के 10 फ्यूल पंप पर चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध किये गए हैं। कंपनी ने सीसीएस-2 डीसी फास्ट-चार्जर्स को स्ट्रेच पर तैनात किया है, जिससे यह देश का पहला इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) फ्रेंडली हाईवे बन गया है।

बीपीसीएल ने चेन्नई-त्रिची-मदुरै हाईवे पर मौजूद अधिक ट्रैफिक वाले स्ट्रेच पर चार्जिंग स्टेशनों को स्थापित किया है। कंपनी 7,000 पारंपरिक रिटेल पेट्रोल पंप को ऊर्जा स्टेशनों में परिवर्तित कर रही है जो ग्राहकों को ईवी चार्जिंग सुविधा सहित कई ईंधन विकल्प प्रदान करती है।

कंपनी ने स्वीकार किया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए फास्ट-चार्जर लगाकर, वह ईवी चार्जिंग स्टेशनों की उपलबधता को बढ़ा रही है, ताकि इलेक्ट्रिक वाहन चलाने वालों को चार्जिंग स्टेशन को खोजने में आसानी हो। इसके साथ ही चार्जिंग स्टेशन इलेक्ट्रिक वाहन चलाने वालों को रेंज की चिंता से भी मुक्ति दिलाएगी और इलेक्ट्रिक वाहनों पर उनका भरोसा बढ़ाने में भी मदद करेगी।

भारत पेट्रोलियम की योजना इलेक्ट्रिक वाहनों से अंतर-शहर यात्रा को बढ़ावा देने की है। इसके लिए कंपनी ने देश के प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले सभी प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर सीसीएस-2 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन के निर्माण की योजना तैयार की है।

कंपनी का लक्ष्य 2040 तक शून्य ऊर्जा खपत करने वाली कंपनी बनना है और इसे हासिल करने के लिए कंपनी सस्टेनेबल सॉल्यूशंस का रोडमैप विकसित कर रही है। पिछले साल, कंपनी ने घोषणा की थी कि वह अपने 9,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने के लिए जगह देगी।

वर्तमान में बीपीसीएल के देश भर में 19,000 से अधिक रिटेल आउटलेट हैं। कंपनी ने अगले कुछ वर्षों में लगभग 7,000 पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बनाई है। भारत के ईवी बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए, यह बीपीसीएल को भविष्य में एक नए व्यापार अवसर प्रदान करने में मदद करेगा।

आने वाले वर्षों में बीपीसीएल ने व्यापक निवेश योजनाएं बनाई हैं। कंपनी समूह स्तर पर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी। इसमें मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल क्षमता बढ़ाने और रिफाइनिंग क्षमता में सुधार करने के लिए 30,000 करोड़ रुपये, गैस सप्लाई में 20,000 करोड़ रुपये, गैस की खोज और उत्पादन के लिए 18,000 करोड़ रुपये और मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 18,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना शामिल है।

बता दें कि देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार नई नीतियां बना रही है। सरकार ने देश भर के 69,000 पेट्रोल पंप पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण करने की योजना बनाई है। योजना के तहत सरकारी और गैर सरकारी पेट्रोल पंप पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन निर्माण किया जाएगा।


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