मई 2022 में बिके 2.51 लाख यात्री वाहन, कोरोना महामारी के बाद पहली बार बिक्री में हुआ सुधार
भारत में यात्री वाहनों की बिक्री एक बार फिर कोविड महामारी के पूर्व स्तर पर पहुंच गई है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने एक रिपोर्ट में बताया कि मई 2022 में कुल यात्री वाहनों की बिक्री बढ़कर 2,51,052 यूनिट हो गई, जो मई 2021 में 88,045 यूनिट थी। मई 2022 में बेचे गए यात्री वाहनों की कुल संख्या मई कोविड महामारी के पूर्व मई 2019 में बेचे गए 2,26,975 यूनिट को पार कर गई है।

दूसरी ओर, मई 2022 में तिपहिया और दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री क्रमशः 28,542 यूनिट और 12,53,187 यूनिट दर्ज की गई। लेकिन वे अभी भी पूर्व-महामारी संख्या के करीब नहीं हैं। मई 2019 में, तिपहिया वाहनों की 51,650 यूनिट्स और दोपहिया वाहनों की 17,25 204 यूनिट्स बेची गईं थी।

यात्री वाहनों की बिक्री में वृद्धि के बावजूद, मई 2022 की कुल वाहन बिक्री अभी भी पूर्व-महामारी के स्तर से कम है। मई 2019 में, कुल 20,04,137 वाहनों की बिक्री हुई थी और इसकी तुलना में, मई 2022 में कुल बिक्री 15,32,809 रही। हालांकि, मई 2021 में बेचे गए 4,44,131 वाहनों की तुलना में उद्योग ने साल-दर-साल 245% की वृद्धि देखी।

सियाम के महानिदेशक श्री राजेश मेनन ने कहा कि मई 2022 के महीने में टू-व्हीलर्स और थ्री-व्हीलर्स की बिक्री सुस्त बनी हुई है, क्योंकि वे क्रमशः 9 साल और 14 साल पहले की तुलना में भी कम हैं। यात्री वाहन खंड की बिक्री अभी भी 2018 के स्तर से नीचे है।

उन्होंने कहा कि हाल के सरकारी हस्तक्षेप से आपूर्ति पक्ष की चुनौतियों को कम करने में मदद मिली है। लेकिन आरबीआई द्वारा रेपो-दरों में दूसरी बढ़ोतरी और थर्ड पार्टी बीमा दरों में वृद्धि, ग्राहकों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है, जिससे मांग प्रभावित हो सकती है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 8 मई से रेपो दर में 50 बेसिस पॉइंट का इजाफा कर दिया है जिससे अब रेपो दर 4.9 प्रतिशत हो गया है। आपको बता दें कि इससे पहले आरबीआई ने 4 मई को रेपो दर में 0.4 प्रतिशत का इजाफा किया था। एक महीने में बेसिस पॉइंट में दूसरी बार इजाफा हुआ है जिससे रेपो दर 4.4 प्रतिशत से बढ़कर 4.9 प्रतिशत हो गया है।

वहीं, 1 जून 2022 से थर्ड पार्टी वाहन इंश्योरेंस प्रीमियम (Third Party Vehicle Insurance Premium) भी महंगा हो गया है। 1 जून, 2022 से 150cc से ज्यादा क्षमता के दोपहिया वाहनों पर अब थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (Third Party Insurance) का प्रीमियम 15% अधिक महंगा हो गया है। इसी तरह 1000cc से 1500cc की कार या एसयूवी जैसे निजी चारपहिया वाहनों पर प्रीमियम 6 प्रतिशत बढ़ गया है।

हालांकि, इस महीने से हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों को इंश्योरेंस प्रीमियम से कुछ राहत दी जा रही है। नए दरों के अनुसार, हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन के बीमा प्रीमियम पर 7.5 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। 30kW तक की बैटरी क्षमता वाली निजी इलेक्ट्रिक कारों पर 1,780 रुपये का प्रीमियम लगेगा। वहीं, 30kW से 60kW की बैटरी क्षमता वाले निजी इलेक्ट्रिक कारों पर 2,904 रुपये के प्रीमियम का भुगतान करना होगा।


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