Bridgestone Develop TDMS With Microsoft: ब्रिजस्टोन व माइक्रोसॉफ्ट ने बनाया टीडीएमएस सिस्टम
भारत सरकार ने काफी समय पहले कारों में चालक और पेसेंजर की सुरक्षा के मद्देनजर कुछ नए मानक लागू किए थे। मौजूदा समय में सभी कार निर्माता कंपनियां इन मानकों के आधार पर ही अपनी कारों का उत्पादन कर रही हैं और भारतीय ग्राहक भी सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।

कार में चालक और पैसेंजर की सुरक्षा के लिए सभी वाहन निर्माता कपनियां नई और आधुनिक तकनीकों को खोजने का काम लगातार करती रहती हैं। इसी कड़ी में टायर निर्माता कंपनी ब्रिजस्टोन और प्रसिद्ध साफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने भी हाथ मिलाया है।

ब्रिजस्टोन और माइक्रोसॉफ्ट ने मिलकर एक ऐसा सिस्टम डेवलप किया है, जो टायर को किसी झटके या अन्य किसी चीज से पहुंचे नुकसान को डिटेक्ट करता है। टायर डैमेज मॉनिटरिंग सिस्टम (टीडीएमएस) के अंतर्गत टायर्स पर सेंसर्स लगाए जाते हैं।

टायर्स पर लगे ये सेंसर्स सड़क पर बने गड्ढों, कर्ब्स और सड़क पर पड़े मलबे से टायर को होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी देते हैं। माइक्रोसॉफ्ट के कनेक्टेड व्हीकल प्लेटफॉर्म (एमसीवीपी) क्लाउड फ्रेमवर्क और एल्गोरिदम के डाटा भी टायर की सतह में अनियमितताओं का पता लगाने में सक्षम हैं।

ब्रिजस्टोन और माइक्रोसॉफ्ट का यह टायर डैमेज मॉनिटरिंग सिस्टम रोड मेंटेनेंस एजेंसीज के लिए भी फायदेमंद है। एजेंसीज इस डाटा का इस्तेमाल कर सड़कों की मरम्मत कर सकती हैं और सड़कों पर चलने वाले चालकों की सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकती हैं।
ब्रिजस्टोन का कहना है कि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में 30 प्रतिशत दुर्घटनाएं टायर डैमेज होने के चलते होती है। हालांकि मौजूदा समय में कार निर्माता कंपनियां टायर प्रेशन मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रही हैं।

लेकिन यह सिस्टम सिर्फ टायर प्रेशन में होने वाले वैरिएशन को ही डिटेक्ट करता है और इसके बाद चालक को कार की रफ्तार धीमी करने के निर्देश देता है। बता दें कि टायर डैमेज मॉनिटरिंग सिस्टम कंपनियों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध है।


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