नोएडा पुलिस की ‘ऑपरेशन क्लीन’ कर रही है वाहनों से जातियों का नाम साफ, कट रहा है मोटा चालान
इस साल जुलाई में नोएडा पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाते हुए दो दिनों में 1,500 चालान जारी किया था। इस अभियान के दौरान वाहन के नंबरप्लेट पर अपनी जाती या गैरकानूनी तरह से नाम लिखवाने को लेकर कार्रवाई की गई थी।

एक बार फिर नोएडा पुलिस वाहन पर अवैध लेखन को लेकर विशेष अभियान चला रही है। नोएडा पुलिस ने दिवाली के ठीक पहले यह अभियान चलाया और एक ही दिन में 250 चालन काट दिए।

इस अभियान में उन वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया गया जिसपर जाती या किसी अन्य अनाधिकृत लेखन शामिल हैं।

पुलिस ने उन वाहनों को भी नहीं छोड़ा जिन्होंने जाति या अनाधिकृत लेखन को नंबर प्लेट के अलावा विंडस्क्रीन पर लगवाया हुआ था।

नोएडा पुलिस के मुताबिक करीब 250 बाइक राइडर्स और कार ड्राइवर से गैरकानूनी नंबरप्लेट और अवैध लेखन के लिए भारी जुर्माना लिया गया है।

इस अभियान को नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे इलाकों पर केंद्रित कर चलाया जा रहा है। यह अभियान 'ऑपरेशन क्लीन' का हिस्सा है जिसे नोएडा पुलिस आने वाले दिनों में भी चलाएगी।

अभियान के दौरान 113 वाहन चालकों पर जाति प्रदर्शन के लिए भारी जुर्माना लगाया गया था। इनमे से 91 वाहन चालकों पर आक्रामक शब्दों के प्रदर्शन के लिए कार्रवाई की गई थी, वहीं इनमे से 78 वाहन शहरी क्षेत्र से पकड़े गए थे।

पुलिस का कहना है कि 50 वाहनों में नंबर प्लेट से छेड़छाड़ कर के एक शब्द की तरह बनाने के लिए जुर्माना किया गया है।

कई अन्य वाहनों के नंबर प्लेटों पर 'नंबरदार' या 'डैड्स गिफ्ट' जैसे शब्दों को लिखने के लिए फाइन किया गया है।

पुलिस इस करवाई का रिकॉर्ड रख रही है। पहली बार पकड़े जाने पर 300 रुपये का चालान किया जा रहा है वहीं अगर दूसरी बार ऐसा करते पकड़े गए तो 500 रुपये भरने पड़ेंगे। इसके साथ ही अन्य 150 वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट की अलग धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
वाहनों पर जाती सूचक शब्दों को प्रदर्शित करना कानूनी अपराध तो है ही साथ ही समाज के लिए भी ठीक नहीं है। इससे जाने अनजाने समाज में ऊंच नीच का भेद भाव फैलता है। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 177 के तहत और 1989 मोटर वाहन एक्ट के रूल 50 और 51 के अनुसार रजिस्ट्रेशन प्लेट पर नंबर के अलावा कुछ और नहीं लिखा होना चाहिए।


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