CNG से भी ज्यादा एफिशिएंट और एनवायरमेंट फ्रैंडली है HCNG फ्यूल - पढ़ें पुरी रिपोर्ट

हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दिल्ली में प्रदुषण को लेकर कई सुझाव व आदेश दिए हैं।

By Abhishek Dubey

दिल्ली देश की राजधानी है और उसमें होनेवाली हर खबर एक हेडलाइन होती है। लंबे समय से दिल्ली वायू प्रदुषण से जुंझ रहा है। इससे निपटने के लिए तमाम प्रयास किये जा रहे हैं लेकिन ये नाकाफी हैं। इसलिए बार-बार कोर्ट को इसमें दखल देना पड़ता है और इसको लेकर हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कई सुझाव व आदेश दिए हैं। ऐसा ही एक सुझाव सुप्रीम कोर्ट ने दिया था जिसमें सड़कों पर दौड़ने वाली बसों में हाइड्रोजन फ्यूल का इस्तेमाल है।

CNG से भी ज्यादा एफिशिएंट और एनवायरमेंट फ्रैंडली है HCNG फ्यूल - पढ़ें पुरी रिपोर्ट

प्रदुषण के कई कारणों में एक बड़ा कारण है सड़क पर चलने वाली गाड़ियां। ये समस्या मात्र दिल्ली की नहीं है लगभग सभी शहरों में ऐसे ही हालात हैं। क्योंकि दिल्ली देश की राजधानी है इसलिए वहां कि चर्चा ज्यादा होती है। दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गए सुझाव को मानते हुए अब पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर राजधानी में 50 हाड्रोजन बसें दौड़ाने का प्लान बनाया। बता दें कि कोर्ट का फैसला भी तब आया है जब दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने की प्रक्रिया लगभग पुरी कर ली थी।

CNG से भी ज्यादा एफिशिएंट और एनवायरमेंट फ्रैंडली है HCNG फ्यूल - पढ़ें पुरी रिपोर्ट

इन बसों में HCNG फ्यूल का इस्तेमाल किया जाएगा। HCNG फ्यूल कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और हाइड्रोजन के मिश्रण से बनता है। ये फ्यूल सीएनजी के मुकाबले ज्यादा एफिशिएंट और एनवायरमेंट फ्रैंडली होता है।

CNG से भी ज्यादा एफिशिएंट और एनवायरमेंट फ्रैंडली है HCNG फ्यूल - पढ़ें पुरी रिपोर्ट

दिल्ली के ट्रांसपोर्ट मंत्री कैलाश गहलोत ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि हम कोर्ट के सुझाव को स्वीकार करते हुए इसमें सभी विकल्पों की तलाश करेंगे और योजना बनाकर उसे कोर्ट के सामने प्रस्तुत करेंगे। वहीं दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ये भी कहा कि फिलहाल हाईड्रोजन बसों को लाना आसान नहीं है इसलिए शुरुआत में HCNG फ्यूल वाली बसें खरीदी जाएंगी।

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हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कई देशों में हाइड्रोजन फ्यूल वाली बसों को सफलतापुर्वक चलाया जा रहा और अब तो टाटा मोटर्स ने भी इसे बनाना शुरू कर दिया है, इललिए इसे लाना मुश्किल नहीं होगा। वहीं दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने बताया कि आनेवाले लॉट में हाइड्रोजन बसों को मंगा पाना कठिन होगा, इसलिए पहले HCNG फ्यूल चालित बसों को लाया जाएगा।

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गौरतलब है कि हर साल कई ऐसे मौके आते हैं जब दिल्ली पुरी तरह से चोक हो जाती हैं। हालांक दिल्ली के प्रदुषण में कई समस्याओं का योगदान है। इनमें आस-पड़ोस के राज्यों द्वारा जलाया जाने वाला परली भी एक बड़ा कारण है। जिस मौसम में ये परली जलाया जाता है उस मौसम में दिल्ली की हवा सबसे ज्यादा प्रदुषित रहती है। वहीं दिल्ली और उसके आस-पास के शहरों में होनेवाले कंस्ट्रक्शन वर्क की वजह से भी दिल्ली में प्रदुषण होता है।

CNG से भी ज्यादा एफिशिएंट और एनवायरमेंट फ्रैंडली है HCNG फ्यूल - पढ़ें पुरी रिपोर्ट

पिछले वर्षों में प्रदुषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने कई तरकीबें अपनाई हैं पर समस्या सुलझने का नाम ही नहीं लेती। स्थिती ज्यों कि त्यों बनी हैं। मालूम हो कि वायू प्रदुषण से निपटने के लिए ही दिल्ली सरकार ऑड-इवेन जैसा स्कीम लेकर आई थी।

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Article Published On: Sunday, July 8, 2018, 10:00 [IST]
English summary
HCNG fuel is more efficient and environment friendly than CNG. Read in Hindi. Read in Hindi.
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