अभी गुजरात का रूख नहीं करेगी मारुति
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी भारतीय बाजार में जबरजस्त स्लो डाउन के दौर से गुजर रही है। जी हां, हाल ही में मारुति सुजुकी ने अपने हरियाणा स्थित संयंत्र के अलावा गुजरात में नये संयंत्र को शुरू करने की योजना बनाई थी। जैसी स्थित चल रही थी उसे देखकर यही अंदाजा लगाया जा रहा था कि कंपनी जल्द ही गुजरात में संयंत्र की शुरूआत करेगी।
लेकिन हाल के दिनों में कंपनी की बिक्री में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुय कंपनी ने भी अपने इस योजना को फिलहाल कुछ दिनों के लिये पोस्टफोन कर दिया है। गौरतलब हो कि मारुति सुजुकी ने कुछ माह पूर्व गुजरात के मेहसाड़ा इलाके में 700 एकड़ की जमीन अपने नये संयंत्र के लिये अलॉट की थी।
कंपनी ने अपने इस नये संयंत्र की योजना में लगभग 4,000 करोड़ रुपये निवेश करने की सोची थी। इसी के साथ कंपनी मेहसाड़ा में लगभग 2,50,000 यूनिट की क्षमता का संयंत्र शुरू करने जा रही है। तत्कालिक योजना के अनुसार यह संयंत्र आगामी 2015-16 तक शुरू किया जाना था।
लेकिन बाजार में लगातार स्लो डाउन के कारण कंपनी फिलहाल इस योजना को अंतिम रूप देने में हिचकिचा रही है। इस बारें में ईटी में छपी एक खबर के अनुसार, मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर सी भागर्व ने बताया कि, गुजरात में अपने नये संयंत्र को आगामी 2016 तक शुरू कर पाना कंपनी के लिये काफी मुश्किल है। इस समय बाजार में भारी स्लो डाउन देखने को मिल रहा है।
इसके अलावा निकट भविष्य में भी बिक्री की स्थिती पर काले बादल मंडरा रहें हैं। जिसके कारण कंपनी फिलहाल गुजरात में नये संयंत्र की योजना को कुछ दिनों के लिये रोक रही है। जब स्थित सुधरेगी तब कंपनी इस प्रोजेक्ट में तेजी लायेगी।
क्यों गुजरात जाना चाहती है मारुति:
आपको बता दें कि, मारुति सुजुकी का मुख्य संयंत्र हरियाणा के मनेसर और गुड़गांव में स्थित है। वहीं मारुति सुजुकी अपने मनेसर स्थित संयंत्र में एक और एक्सपैंशन प्लान के तहत संयंत्र का विस्तार कर रही है। इस समय मारुति सुजुकी की सालाना उत्पादन क्षमता लगभग 15 लाख यूनिट है। जो कि मनेसर में विस्तार किये जाने के बाद बढ़कर लगभग 17.5 लाख यूनिट प्रतिवर्ष हो जायेगी।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतना कुछ होने के बाद भी मारुति गुजरात के लिये क्यों बेचैन है। इसका एक मुख्य कारण यह है कि कंपनी के मनेसर संयंत्र में आये दिन कर्मचारियों और मारुति प्रबंधन के बीच विवाद की स्थिती बन जा रही है। यदि पिछले वर्षो के स्थिती पर गौर करें तो कंपनी दो वर्षो के दौरान लगभग 4 माह से भी ज्यादा समय तक हड़ताल की स्थिती से जुझती रही है।
जिसके कारण कंपनी के उत्पादन क्षमता का पर लगातार असर पड़ा है। इसके अलावा कंपनी इस दौरान बाजार में अपनी नंबर वन की पोजिशन बरकरार रखने के लिये कुछ नये वाहनों जैसे एरटिगा, अल्टो 800 तक को बाजार में पेश की है। लेकिन संयंत्र में हड़ताल की काली घटा के कारण कंपनी को कई बार वाहनों की वेटिंग पीरियड बढ़ानी पड़ी है।
अब चूकि मारुति सुजुकी अपने भविष्य के योजनाओं को सुचारू रुप से चलाना चाहती है तो कंपनी देश में एक और संयंत्र गुजरात में शुरू करने की योजना पर जोर दे रही है। गुजरात में राज्य सरकार के सहयोग के साथ ही वहां पर बंदरगाह का भी लाभ कंपनी को बखूबी मिलेगा। यही कारण है कि कंपनी गुजरात में संयंत्र को शुरू करने की सोच रही है।


Click it and Unblock the Notifications
