ऑटोमोबाइल जगत के लिए एक भूल जाने वाला वर्ष साबित हुआ यह साल

2011 More Disappointing For Car Industry
भारतीय ऑटोमोबाइल जगत के लिए यह वर्ष एक भूल जाने वाला वर्ष साबित हुआ। इस वर्ष ऑटोमोबाइल जगत में वाहन निर्माता बढ़ते इंधन के कीमत, बैंकों द्वारा बढ़ाये गये ब्‍याज दर, हड़ताल सहित कई परेशानियों से जुझते रहें। हालांकि वाहन उद्योग के लिए 2011 की शुरुआत जोरदार तरीके से हुई। लेकिन यह सिर्फ कुछ समय के लिए था। 2011 का अंत आते-आते यह कार उद्योग के लिए सबसे खराब वर्षो में साबित हुआ। इस पूरे साल उद्योग को हड़ताल और बिक्री में गिरावट से जूझना पड़ा। अक्तूबर माह में तो कारों की बिक्री में पिछले 11 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई। वाहन उद्योग के लिए एक भूल जाने वाला साल है 2011 ऐसे समय जब उंची ब्याज दरों और महंगे ईंधन की वजह से कारों की बिक्री प्रभावित हो रही थी, श्रम जैसी समस्याओ ने भी इस उद्योग की नींव हिला कर रख दी।

देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजुकी तो श्रमिकों की हड़ताल से प्रभावित रही ही, जनरल मोटर्स और एमआरएफ भी बुरी खबरों की वजह से चर्चा में रहीं। इस साल उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक घटना बी एम मुंजाल की अगुवाई वाले हीरो समूह की नई ब्रांड पहचान रही। जापान की होंडा के अलग होने के बाद हीरो समूह ने अपनी नई ब्रांड पहचान स्थापित की। इस साल कार बाजार में कई नए रोमांचक माडल पेश किए गए।

ह्युंडई ने 800 सीसी की कार इयान को बाजार में पेश किया। सिंगूर में भूमि को वापस लौटाने के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल सरकार और टाटा मोटर्स के बीच कुछ गहमागहमी भी देखने को मिली। हालांकि, बिक्री के मामले में यह साल काफी खराब साबित हो रहा है और 2011-12 में वाहन बिक्री की वृद्धि दर एक अंक में ही रहने की संभावना है। पिछले वित्त वर्ष में वाहनों की बिक्री में 25 फीसद से अधिक का इजाफा हुआ था।

महंगाई के बढ़ने और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा लगातार ब्याज दरों में बढ़ोतरी से वाहन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ। ईंधन खासकर पेटोल दामों में बढ़ोतरी से वाहनों की बिक्री पर असर हुआ। जनवरी, 2011 में कारों की बिक्री 26.28 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ अपनी सर्वकालिक उंचाई 1,84,332 इकाई पर पहुंच गई। मंदी के लौटने की आशंका से भी वाहनों की बिक्री पर असर पड़ा।

वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम ने 2011-12 के लिए दो बार वृद्धि दर के अनुमान को कम किया। सालाना आधार पर जुलाई से ही देश में कारों की बिक्री में गिरावट आ रही है। खासकर मारुति में श्रम संबंधी समस्या से बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई। अक्तूबर में मासिक बिक्री का आंकड़ा 11 साल के निचले स्तर पर आ गया। माह के दौरान बिक्री में 23.77 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि नवंबर में कार बाजार में थोड़ी रौनक लौटी और बिक्री में मामूली सात फीसद का इजाफा हुआ। सियाम का मानना है कि दिसंबर में बिक्री का आंकड़ा नवंबर से कम रहेगा।

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Article Published On: Friday, December 23, 2011, 15:24 [IST]
English summary
The year 2011 has been a mixed year for the auto industry. While there were some good cars that were launched there have been more shocks to carmaker than they expected. While the major carmaker like Maruti Suzuki had to deal with several strikes, other carmakers had their own share of problems. Car sales have dropped sharply following the frequent increases in bank interest rates and fuel prices. On the whole 2011 is a year that carmakers would want to forget.
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