यामहा रे-जेड को मिला इंडिया मार्क डिजाइन पुरस्कार
यामहा तेज और स्टाइलिश बाइक बनाने के लिए जानी जाती है। बेहतर ट्यूनिंग फोर्क वाली कंपनी हमेशा परफॉरमेंस-केंद्रित बाइक बनाने के लिए जानी जाती है। जब यह कंपनी भारतीय स्कूटर बाजार में उतरने की बात करती है, तो लोग उनके इस कदम को लेकर उलझन में रहती है। हालांकि, कंपनी हमें निराश नहीं करती और दो शॉर्प-लुकिंग स्कूटर रे और रे-जेड के रूप में देती है।
रे-जेड, रे का स्पोर्टी रूप है। इस स्कूटर को हाल ही में इंडिया डिजाइन काउंसिल की ओर से इंडिया डिजाइन मार्क पुरस्कार से नवाजा गया।

इस अवसर पर मौजूद यामहा मोटर इण्डिया सेल्स के प्रबंध निदेशक मासाकी असानो ने कहा, "हमारे स्कूटर रे-जेड को काफी सकारात्मक संकेत मिले हैं। हमारी डिजाइनरों और इंजीनियरों की टीम ने एक ऐसा उत्पाद तैयार किया जो हमारे ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने और भारतीय बाजार में फिट होने में कामयाब रहा। यह अवॉर्ड केवल हमारे सफल प्रयासों के बारे में संकेत देता है, बल्कि इसके साथ ही यह हमें भविष्य में, नया, अभिनव और समृद्ध कार्य करने के लिए प्रेरित भी करता रहता है।"
रे-जेड स्पोर्ट्स में एक सिंगल सिलेण्डर 113 सीसी का एयरकूल्ड इंजन लगा है। जो अपनी उच्च क्षमता पर 8.1 एनएम का टॉर्क और 7.1 पीएस की पावर देता है। यामहा ने इस ऑटोमैटिक स्कूटर को वी-बेल्ट ट्रांसमिशन और ड्राई सेंट्रीफ्यूगल क्लच की तकनीक से लैस किया है। इसकी कीमत भी बाजार में चुनौती पेश कर सकती है। दिल्ली में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 47 हजार 735 रुपये है।

इंडिया डिजाइन मार्क अवॉर्ड जीतने के बाद यामहा मोटर इंडिया सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट रॉय कूरियन ने कहा, "हमनें भारतीय स्कूटर बाजार में 2012 में रे के साथ प्रवेश किया। इस स्कूटर को युवा महिलाओं के लिए बनाया गया था। इसके बाद 2013 में रे-जेड को उतारा, जिसके निशने पर युवा पुरुष थे।"
उन्होंने यह भी कहा, "रे और रे-जेड को जो समर्थन मिल रहीं हैं, वे काफी सकारात्मक और हौसला बढ़ाने वाली हैं। 2013 के अंत तक दोनों की करीब 1 लाख 50 हजार यूनिट बिक चुकी हैं। इसके लिए हम इसके स्टाइलिश डिजाइन और ईजी टू यूज़ के कारण हो पाया है। हम अपने ग्राहकों की जरूरतों को समझते हैं। और इसलिए वे हमारे उत्पादों के डिजाइन और स्टाइल की विस्तृत जानकारी हासिल करने को उत्सुक रहते हैं।"


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