UP-Bihar Rain Alert: भारी बारिश में बाइक चलाना है जोखिम भरा, घर से निकलने से पहले अपनाएं ये 5 देसी टिप्स
मौसम विभाग (IMD) ने आज, 30 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। पूर्वी यूपी के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि बिहार के कई जिलों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। ऐसे मौसम में गांव-देहात की सड़कों पर बाइक या स्कूटर से निकलने वालों को खास सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि फिसलन, गाड़ी बंद होने या किसी हादसे से बचा जा सके।
IMD ने आज सीतामढ़ी और मधुबनी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं बक्सर, गोपालगंज, सीवान और पश्चिम चंपारण में भी बेहद भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश की बात करें तो गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और बस्ती जैसे जिलों पर नजर रखी जा रही है। चक्रवात 'अर्णव' (Cyclone Arnab) के प्रभाव के चलते पटना मौसम केंद्र का मानना है कि 31 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।

UP-Bihar Rain Alert: कच्चे रास्तों पर निकलने से पहले जरूर जांचें ये बातें
सफर पर निकलने से पहले अपनी बाइक के टायर का ट्रेड और एयर प्रेशर जरूर चेक कर लें; ग्रिप अच्छी होनी चाहिए। अगर आप अकेले हैं और धीमी रफ्तार में चल रहे हैं, तभी टायर का प्रेशर 2 psi तक कम करें। चैन की सफाई करके ल्यूब लगाएं, ब्रेक की पकड़ जांचें और हेडलाइट व हॉर्न की टेस्टिंग जरूर कर लें। वायरिंग सॉकेट पर डाई-इलेक्ट्रिक स्प्रे छिड़कें, खुले तारों पर टेप लगाएं और स्पेयर फ्यूज साथ रखें। लंबे मडफ्लैप, फोर्क गेटर्स और रिफ्लेक्टिव टेप लगवाएं; इन छोटे-मोटे बदलावों में महज ₹500 से ₹1,000 का खर्च आता है।
UP-Bihar Rain Alert: पानी भरे रास्तों पर कैसे चलाएं बाइक और कैसे सुखाएं?
अगर पानी बाइक के पहिये के एक्सल से ऊपर हो या उसका बहाव तेज हो, तो गाड़ी पानी में न उतारें। सड़क के बीच वाले ऊंचे हिस्से पर चलें, दूसरे गियर में लगातार रेस बनाए रखें और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। अगर साइलेंसर पानी में डूब जाए, तो तुरंत इंजन बंद कर दें और गाड़ी को धक्का देकर सुरक्षित जगह ले जाएं। पानी में बंद हुए इंजन को स्टार्ट (क्रैंक) करने की गलती न करें; पहले एयरबॉक्स से पानी निकालें, एयर फ़िल्टर और स्पार्क प्लग सुखाएं। पिछला पहिया घुमाकर चैन ल्यूब करें, ब्रेक ड्रम सुखाएं और केबल्स में हल्का तेल डालें।
UP-Bihar Rain Alert: गांव-देहात में रात की राइड, विजिबिलिटी और काम के टिप्स
हेलमेट का वाइजर समय-समय पर माइक्रोफाइबर कपड़े से साफ करते रहें, सूखे कपड़े से रगड़ने पर स्क्रैच आ सकते हैं। वाइजर के अंदर की तरफ बर्तन धोने वाले लिक्विड सोप की पतली परत लगाएं, यह फॉग जमाने से रोकने का सस्ता देसी जुगाड़ है। गीली सड़कों पर चकाचौंध से बचने के लिए हेडलाइट की बीम एक स्टेप नीचे रखें। मडगार्ड के किनारों, फोर्क और साइड बॉक्स पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाएं ताकि दूर से आने वाली गाड़ियाँ आपको देख सकें। सड़क के बीच की पट्टी पर चलें, पानी से चमकते गड्ढों से बचें और पैर नीचे टिकाने के लिए हमेशा तैयार रहें।
| फीचर (Spec) | क्यों है जरूरी | सही पैमाना या टिप |
|---|---|---|
| ग्राउंड क्लीयरेंस | गड्ढों और पत्थरों से बाइक के निचले हिस्से को टकराने से बचाता है | कम से कम 170 mm |
| सस्पेंशन ट्रैवल | टूटी-फूटी सड़कों पर भी टायरों की पकड़ बनाए रखता है | लगभग 120 mm आगे, 100 mm पीछे |
| टायर | ब्लॉक पैटर्न से कीचड़ में बेहतर ग्रिप और पकड़ मिलती है | डूअल-पर्पज (Dual‑purpose) 80/100‑18 या 90/90‑18 |
| व्हील्स (पहिये) | स्पोक व्हील झटके सह लेते हैं और रास्ते में आसानी से ठीक हो जाते हैं | खराब रास्तों पर स्पोक व्हील्स को प्राथमिकता दें |
| स्प्रे प्रोटेक्शन | कीचड़ और पानी को इंजन व पार्ट्स में जाने से रोकता है | लंबे मडफ्लैप, फोर्क गेटर्स लगाएं (खर्च ₹500–₹1,000) |
अगर बारिश का दौर शनिवार, 31 अक्टूबर तक जारी रहता है, तो बहुत जरूरी न होने पर यात्रा टालें और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें। अपनी बाइक टूलकिट में केबल टाई, चैन ल्यूब, स्पार्क प्लग पाना, पंचर पैच, ग्लव्स और माइक्रोफाइबर कपड़ा जरूर रखें। शाम के वक्त निकलने से पहले IMD का लेटेस्ट अपडेट देख लें, रुकने की जगहों को ध्यान में रखकर छोटी-छोटी दूरी तय करें और समय रहते पेट्रोल भरवा लें, ताकि बंद या पानी भरे पेट्रोल पंपों के चक्कर में परेशानी न उठानी पड़े।


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