मानसून में बाइक फिसलने का डर? कीचड़ और गड्ढों में सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये 5 अचूक तरीके
आज, 22 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर गड्ढे में बाइक फिसलने का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। मानसून के मौसम में गांव और कस्बे की सड़कें अक्सर कीचड़ और मटमैले गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं। ऐसे में 100–125cc की कम्यूटर बाइक चलाने वालों की एक छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है। अगर आप भी कच्चे और टूटे-फूटते रास्तों पर बाइक से जूझने के बजाय आसानी से राइड करना चाहते हैं, तो यह गाइड आपके बेहद काम आएगी। इसमें राइडिंग तकनीक, सही टायर के चुनाव और किफ़ायती सेफ्टी गार्ड्स के बारे में विस्तार से बताया गया है।
सफर शुरू करते समय अपनी बाइक की स्पीड उतनी ही रखें, जितने दायरे में आपको रास्ता साफ नजर आ रहा हो। ऐसे समय में स्पीडोमीटर देखने के बजाय सड़क की हालत पर ध्यान दें। पानी भरे गड्ढों को अनजान खतरा समझकर ही आगे बढ़ें। बाइक को बिल्कुल सीधा रखें, हैंडल को अचानक झटका देने से बचें और दोनों ब्रेक पर उंगलियां टिकाकर रखें। अगर किसी पुलिया या रपटे पर पानी का तेज बहाव या झाग दिखे, तो अपनी बारी का इंतजार करें। हड़बड़ी में गाड़ी निकालने के बजाय संयम से काम लेना ही समझदारी है।

मानसून में बाइक राइडिंग और रखरखाव के नियम: निकलने से पहले जरूर चेक करें ये जरूरी चीजें
घर से निकलने से पहले टायरों में कट, फंसे हुए पत्थर और उनकी ग्रिप (ट्रेड डेप्थ) की जांच जरूर करें। आगे और पीछे के ब्रेक की ग्रिप और लीवर का फ्री प्ले चेक कर लें। चेन में ल्यूब लगाएं और देखें कि चेन कवर ठीक से बंद है या नहीं। लाइट, हॉर्न, इंडिकेटर्स और साइड मिरर्स को टेस्ट करें। खुले या ढीले तारों को टेप से अच्छे से सील करें। इसके अलावा अपनी बाइक में एक्स्ट्रा फ्यूज, ज़िप टाई और एक छोटा रेनकोट (पोंचो) हमेशा साथ रखें।
मानसून में बाइक राइडिंग और रखरखाव के नियम: टायर, जलभराव, ओवरटेक और इंश्योरेंस क्लेम
बारिश के मौसम में सड़क पर पकड़ पूरी तरह टायरों पर टिकी होती है। इसलिए बेहतर ग्रिप वाले नए टायर ही इस्तेमाल करें, क्योंकि पुराने और सख्त हो चुके टायर जल्दी फिसलते हैं। कंपनी के बताए अनुसार ही हवा का प्रेशर रखें और हर हफ्ते किसी भरोसेमंद गेज से इसे चेक करें। कीचड़ वाले रास्तों पर बेहद कम स्पीड में निकलने के लिए आप टायर प्रेशर 1 से 2 psi तक कम कर सकते हैं, लेकिन बाद में इसे दोबारा नॉर्मल कर लें। अगर टायर के वियर बार दिखने लगें, तो उन्हें तुरंत बदलवा लें।
जलभराव वाली जगह पर दूसरी गाड़ियों से उठने वाली लहरों को देखकर पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाएं। नाले या पुलिया के किनारों पर उठते मटमैले पानी से दूर रहें। पानी में गाड़ी हमेशा दूसरे गियर में डालें, एक्सीलेटर को स्थिर रखें और क्लच का कम से कम इस्तेमाल करें। बैलेंस बनाए रखने के लिए पैरों को फुटपैग पर ही जमाकर रखें। अगर बाइक पानी में बंद हो जाए, तो तुरंत किल स्विच दबाएं और उसे पैदल धक्का देकर बाहर निकालें। साइलेंसर से पानी निकालें, एयर फ़िल्टर चेक करें और स्पार्क प्लग कैप को सुखाएं।
टैंकर या ट्रैक्टर जैसी बड़ी गाड़ियों के पीछे चलते समय उनसे निकलने वाले पानी के छींटों से दूरी बनाकर रखें। जब साइड मिरर में पीछे का रास्ता साफ दिखे, तभी ओवरटेक करने की सोचें। इंडिकेटर दें और हमेशा दाहिनी तरफ से ही आगे निकलें, भूलकर भी बाईं तरफ से निकलने की कोशिश न करें। खराब रास्तों पर पहुंचने से पहले इंजन ब्रेकिंग का इस्तेमाल करें। इसके अलावा बाइक में हैंडगार्ड, फोर्क गेटर्स, बड़े मडफ्लैप और एक सिंपल सम्प गार्ड जैसे किफ़ायती सेफ्टी पार्ट्स लगवाएं। अगर कोई हादसा हो जाए, तो तुरंत जियो-टैग वाली फोटो खींचें, मरम्मत कराने से पहले इंश्योरेंस कंपनी को फोन करें और टोइंग की रसीद संभाल कर रखें। ऑन-रिकॉर्ड अपनी गलती स्वीकार करने से बचें और इंश्योरेंस सर्वेयर के आने की मांग करें।


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