मानसून की पहली बारिश: 10 मिनट की ये तैयारी बचाएगी आपकी बाइक का इंजन और आपको बड़े हादसों से
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 24 जून के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में 100cc से 125cc वाली बाइक चलाने वाले ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए कीचड़ भरी सड़कें बड़ी मुसीबत बन सकती हैं। सिर्फ 10 मिनट की तैयारी आपको बड़े हादसों और इंजन खराब होने से बचा सकती है। इन राज्यों में सुरक्षित सफर के लिए बाइक सवारों को अभी से सावधान हो जाना चाहिए।
मानसून की पहली बारिश के साथ ही गांव की पगडंडियां फिसलन भरी हो जाती हैं। छोटी बाइक्स में अक्सर ट्रैक्शन कंट्रोल जैसे एडवांस सेफ्टी फीचर्स नहीं होते। अगर टायर में हवा ज्यादा है, तो गीली मिट्टी पर पकड़ कमजोर हो जाती है। कच्ची सड़कों पर बेहतर बैलेंस के लिए टायर प्रेशर को थोड़ा कम करना सही रहता है। इन छोटी बातों का ध्यान रखकर आप जलभराव वाली गलियों में भी पूरे कॉन्फिडेंस के साथ बाइक चला पाएंगे।

बारिश के दौरान टायर और ब्रेक का ऐसे रखें ख्याल
सबसे पहले चेक करें कि आपके टायर की 'ट्रेड डेप्थ' (गोटी) कम से कम 2 मिलीमीटर हो। गीली सड़कों पर बेहतर ग्रिप के लिए टायर की हवा थोड़ी कम रखें। पानी के गड्ढों से निकलने के तुरंत बाद ब्रेक को जरूर चेक करें। अक्सर ड्रम ब्रेक गीले होने पर अपनी पावर खो देते हैं। तेज रफ्तार पकड़ने से पहले ब्रेक लीवर को धीरे-धीरे दबाकर अंदरूनी हिस्सों को सुखा लें।
इंजन की सुरक्षा और पानी में बाइक चलाने की लिमिट
गांव में चलने वाली बाइक्स की चेन अक्सर खुली होती है, जिससे उनमें जल्दी जंग लग जाता है। इंजन के इलेक्ट्रिक्स और स्पार्क प्लग को बचाने के लिए 'वॉटर-डिस्प्लेसमेंट स्प्रे' का इस्तेमाल करें। ध्यान रखें कि एयर फिल्टर सूखा रहे ताकि बाइक स्टार्ट करने में दिक्कत न आए। लुब्रिकेंट और स्प्रे जैसे मेंटेनेंस के सामान ₹200 से ₹600 के बीच मिल जाते हैं। मानसून में भारी खर्च से बचने के लिए यह एक छोटा लेकिन समझदारी भरा निवेश है।
| मेंटेनेंस का काम | अनुमानित खर्च |
|---|---|
| चेन लुब्रिकेशन | ₹150 - ₹250 |
| वॉटर-डिस्प्लेसमेंट स्प्रे | ₹100 - ₹200 |
| एयर फिल्टर चेक | ₹150 - ₹300 |
कीचड़ भरी सड़कों पर सुरक्षित राइडिंग के टिप्स
अपनी बाइक को कभी भी पहिये के 'एक्सल' से गहरे पानी में न ले जाएं। ऐसा करने से इंजन में पानी घुसने का खतरा टल जाता है और इंजन सुरक्षित रहता है। ऊबड़-खाबड़ रास्तों की वजह से ढीले हुए कैरियर बोल्ट या स्पोक्स को भी चेक कर लें। बाइक के सभी गार्ड्स को अच्छे से कस लें ताकि चलते समय वाइब्रेशन न हो। अगर आपकी बाइक फिट रहेगी, तो आप भारी बारिश के बीच भी कहीं नहीं फंसेंगे।


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