IMD Red Alert: भारी बारिश में बाइक बंद हो जाए तो न करें ये गलती, वरना इंजन हो जाएगा खराब; सफर से पहले जानें ये टिप्स
मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार, 1 सितंबर की सुबह ताजा चेतावनी जारी करते हुए मध्य भारत और गंगा के मैदानी इलाकों के जिलों में यात्रा को लेकर सतर्क किया है। छत्तीसगढ़ में आज भारी से बहुत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। ग्रामीण इलाकों में टू-व्हीलर से चलने वाले लोग तुरंत सतर्क हो जाएं और मॉनसून में सफर के जरूरी नियमों का पालन करें।
IMD मैप्स पर रेड अलर्ट का मतलब घबराना नहीं, बल्कि तुरंत सावधान और सक्रिय होना है। ऐसे मौसम में जलभराव, तेज बहाव और सड़कों या पुलिया पर पानी भरने से रास्ते बंद होने की पूरी आशंका रहती है। छत्तीसगढ़ के रेड जोन के साथ-साथ आज जारी बुलेटिन में पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। अगर बहुत जरूरी न हो तो सफर टाल दें, और यदि निकलना जरूरी हो तो पहले से ही वापसी का वैकल्पिक रास्ता तय कर लें।

IMD Red Alert: ग्रामीण क्षेत्रों के टू-व्हीलर सवार सफर से पहले जरूर जांचें ये चीजें
सफर पर निकलने से पहले टायरों में कट आदि की जांच करें और ट्रेड गहराई कम से कम 2 मिमी होनी चाहिए; हवा का दबाव कंपनी के मानकों के अनुसार रखें। ब्रेक की पकड़ पक्की कर लें; पानी से निकलने के बाद धीमी रफ्तार में हल्के से ब्रेक दबाकर उन्हें सुखा लें। चेन को साफ करके ल्यूब लगाएं, स्विच को पानी से बचाएं, बाइक पर रिफ्लेक्टर लगाएं, चमकीले रंग का रेनवेयर पहनें और मोबाइल को वाटरप्रूफ पाउच में अच्छी तरह सील रखें।
IMD Red Alert: जलभराव और नदियों पर बनी पुलिया पार करने के नियम
बहते पानी या आधे टायर से ज्यादा गहरे पानी में बाइक ले जाने से बचें और पानी का स्तर उतरने का इंतजार करें। डूबी हुई पुलिया केवल दिन के उजाले में, एक के पीछे एक होकर, एक्सीलेटर को स्थिर रखते हुए और सामने रास्ते के निकास पर नजर बनाकर पार करें। बड़े ट्रकों के एकदम पीछे न चलें और सड़क के कटते किनारों से दूर रहें। अगर पानी की गहराई या बहाव का अंदाजा न हो, तो वापस मुड़ जाना ही सुरक्षित है।
IMD Red Alert: अगर पानी में बाइक बंद हो जाए तो क्या करें?
अगर बाइक पानी में बंद हो जाए तो तुरंत इंजन बंद कर दें और भूलकर भी सेल्फ या किक न मारें। पानी में डूबे इंजन को स्टार्ट करने की कोशिश से 'हाइड्रो-लॉक' हो सकता है और कनेक्टिंग रॉड मुड़ सकती है। बाइक को पैदल ढकेल कर सूखे स्थान पर ले जाएं, टोइंग सर्विस की मदद लें और मैकेनिक से एयरबॉक्स साफ करवाने व इंजन ऑयल में पानी (दूधियापन) की जांच कराने के बाद ही दोबारा स्टार्ट करें। थोड़ा सा सब्र आपके इंजन को बड़े नुकसान से बचा सकता है।
IMD Red Alert: रूट प्लानिंग, हेल्पलाइन नंबर और डायवर्जन जानकारी
दिन के समय सफर करने को प्राथमिकता दें, परिजनों के साथ अपनी लाइव लोकेशन शेयर करें और जिला कंट्रोल रूम की ओर से दिए जा रहे रूट डायवर्जन अपडेट देखते रहें। नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबरों को अभी सेव कर लें; ग्रामीण रास्तों को पार करने से पहले या फंसे होने पर इन पर संपर्क करें। ध्यान रखें कि पानी सबसे पहले छोटे रास्तों को काटता है, इसलिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। मदद का इशारा करते समय अपनी रिफ्लेक्टिव पट्टियां जरूर साफ दिखाई देनी चाहिए।
| Service | Number |
|---|---|
| Emergency Response Support System | 112 |
| NDMA Disaster Helpline | 011‑1078 |
| Chhattisgarh SDMA Control Room | 0771‑2223471 |
| Uttar Pradesh SEOC (Relief Commissioner) | 1070 |
IMD Red Alert: नई गाड़ी की PDI और इंश्योरेंस क्लेम की जरूरी बातें
क्या आप आज नई गाड़ी की डिलीवरी ले रहे हैं? डीलर से इलेक्ट्रिकल कनेक्टर्स सुखाने, हॉर्न, लाइट और ब्रेक की जांच करने और चेन में ल्यूब लगाने के लिए जरूर कहें। अगर आप मजबूरी में जलभराव वाले रास्ते से गुजरे हैं, तो गाड़ी पर पानी के निशान की फोटो खींच लें और गाड़ी स्टार्ट करने के बजाय टो करवाएं। इंश्योरेंस कंपनी को समय रहते सूचित करें; चोरी के लिए एफआईआर की जरूरत होती है, पानी से हुए नुकसान के लिए नहीं। बेस पॉलिसी की तुलना में 'इंजन प्रोटेक्शन ऐड-ऑन' हाइड्रो-लॉक से होने वाले नुकसान की बेहतर भरपाई करता है।


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