भारी बारिश का अलर्ट: बाइक सवारों के लिए IMD की चेतावनी, सफर पर निकलने से पहले जरूर चेक करें ये 5 चीजें
मौसम विभाग (IMD) ने आज, 28 अगस्त को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे गांव-देहात के रास्तों पर सफर करना जोखिम भरा हो सकता है। ओडिशा और बिहार के लिए तो भारी से बहुत भारी बारिश का "ऑरेंज अलर्ट" जारी किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी आज मूसलाधार बारिश के आसार हैं। इसके अलावा उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर कीचड़, कटान और अचानक जलभराव जैसी समस्याओं के लिए तैयार रहें।
IMD के सुबह 8:16 बजे जारी हुए ताजा बुलेटिन के मुताबिक, पहाड़ी राज्यों में सितंबर की शुरुआत तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। उत्तराखंड में आज से ही बारिश रफ्तार पकड़ेगी, वहीं हिमाचल प्रदेश में 30 अगस्त से तेज बारिश का दौर शुरू होगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में आज और फिर 31 अगस्त से भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। ऐसे मौसम में दिन के उजाले में और बारिश रुकने पर ही सफर की योजना बनाएं। पानी का स्तर बढ़ रहा हो, तो नदी-नालों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न लें।

IMD का भारी बारिश का अलर्ट: बाइक सवारों के लिए जरूरी बातें
सफर पर निकलने से पहले टायरों में कट, वाल्व लीक और थ्रेड की गहराई जांच लें। गीली सड़क पर दोनों ब्रेक ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं, यह परखना न भूलें। अगर एयर फिल्टर भीगा हो, तो उसे साफ करके सुखा लें। स्पार्क-प्लग कैप पर सिलिकॉन ग्रीस लगाकर उस पर इंसुलेशन टेप लपेटें। चेन की ढील (slack) सही रखें और उस पर हल्का ऑयल लगा लें। अपनी टूलकिट में पाना, पेचकस और प्लायर जरूर साथ रखें।
खराब ग्रामीण सड़कों के लिए बाइक सेफ्टी चेकलिस्ट
अपनी बाइक के पहियों की बनावट को अच्छे से समझ लें। ट्यूब वाले स्पोक रिम में पंक्चर पैच लगाने पड़ते हैं, जबकि अलॉय व्हील वाले ट्यूबलेस टायरों में प्लग किट काम आ जाती है। बेहतर ग्रिप और रिम की सुरक्षा के लिए टायरों में हवा का प्रेशर कंपनी की सलाह के मुताबिक रखें, इसमें 2 psi से ज्यादा की कमी न करें। 100–125cc की कम्यूटर बाइकों के लिए गीली और टूटी-फूटी सड़कों पर टायर प्रेशर का यह गणित सबसे सही काम करता है:
| व्हील का प्रकार | पंक्चर ठीक करने का तरीका | आगे का टायर PSI (गीला) | पीछे का टायर PSI (अकेले सफर) | पीछे का टायर PSI (साथ में सवारी) |
|---|---|---|---|---|
| स्पोक + ट्यूब | पैच किट (पंक्चर पैच) | 26–28 | 30–32 | 34–36 |
| अलॉय ट्यूबलेस | प्लग किट (ट्यूबलेस प्लग) | 26–28 | 30–32 | 34–36 |
जलभराव वाली जगह पार करते समय गाड़ी की रफ्तार धीमी रखें ताकि पानी की ऊंची लहरें न बनें। अगर पानी बाइक के एक्सेल (अक्ष) तक पहुंच जाए, तो आगे जाने के बजाय वापस लौट आएं। यदि पानी में इंजन बंद हो जाए, तो बार-बार स्टार्ट करने की गलती न करें। बाइक को पैदल धकेल कर बाहर लाएं, साइलेंसर से पानी निकालें, स्पार्क प्लग और एयर फिल्टर सुखाएं, उसके बाद ही स्टार्ट करें। रात में सफर कर रहे हों तो हेडलाइट का बीम नीचा रखें, रिफ्लेक्टर का इस्तेमाल करें और चमकीले रंग का रेनकोट पहनें ताकि विजिबिलिटी बनी रहे। किसी भी इमरजेंसी के लिए स्थानीय हेल्पलाइन और देश का 112 नंबर फोन में सेव रखें।


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